असम में अवैध घुसपैठ की कोशिशों को सुरक्षा बलों ने किया नाकाम
असम के मुख्यमंत्री का बयान
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जानकारी दी है कि सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे 22 व्यक्तियों को रोका है।
हालांकि, उन्होंने इन व्यक्तियों की पहचान या उन्हें रोके जाने के स्थान के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की।
शर्मा ने बुधवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि असम की सीमा में कोई घुसपैठ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने 22 लोगों की पहचान की, जो भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे और उन्हें सीमा पर ही रोक दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घुसपैठ की कोशिशों का यही परिणाम होगा। असम की बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जिसमें श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले शामिल हैं।
पूर्वोत्तर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तीन एकीकृत जांच चौकियां (आईसीपी) हैं, जिनमें असम के श्रीभूमि में सुतारकंडी, मेघालय में डॉकी और त्रिपुरा में अखौरा शामिल हैं।
एक अन्य आईसीपी असम के दर्रांगा में भारत-भूटान सीमा पर स्थित है।
असम पुलिस ने पहले कहा था कि 2024 में बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, राज्य पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) गैर-भारतीय नागरिकों के देश में प्रवेश को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
