असम में बाढ़ का कहर: 21 लोगों की जान गई, राहत कार्य जारी
असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति
नई दिल्ली: असम में लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि ने बाढ़ की स्थिति को अत्यंत गंभीर बना दिया है। राज्य के 16 जिलों में लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। पिछले 24 घंटों में बाढ़ और उससे संबंधित घटनाओं में 21 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जिनमें से 13 मौतें शिवसागर जिले में हुई हैं। हालात को देखते हुए राज्य प्रशासन के साथ-साथ सेना, NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
कौन-कौन से जिले प्रभावित हैं
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शिवसागर, डिब्रूगढ़, जोरहाट, गोलाघाट, चराइदेव, धेमाजी, तिनसुकिया, नगांव, बिस्वनाथ, कामरूप और कार्बी आंगलोंग जैसे कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्यभर में 5.64 लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में हैं, और 872 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि में घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, और कई स्थानों पर सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है।
Nazira ONGC colony completely inundated in flood water.
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) July 22, 2026
Situation unchanged, ONGC employees are known for lavish lifestyle, but in front of nature’s fury, everyone surrenders, they all are now waiting for a bottle of fresh water, and essential items.#AssamFloods pic.twitter.com/fTr5cjihIh
बाढ़ का प्रभाव कृषि क्षेत्र पर भी स्पष्ट है। 24 हजार हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे धान समेत कई फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के सामने आजीविका का संकट गहरा गया है।
ऑपरेशन जल राहत-3 का कार्यान्वयन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना ने राज्य सरकार के अनुरोध पर 'ऑपरेशन जल राहत-3' शुरू किया है। इसके तहत शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में विशेष राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं। सेना ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, ब्रह्मपुत्र नदी जोरहाट के निमाटीघाट क्षेत्र में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा दिखौ, दिसांग, बुरीदिहिंग और धनसिरी नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इनमें से कुछ नदियां अपने उच्चतम बाढ़ स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं, जिससे निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है। राजधानी गुवाहाटी भी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। सतगांव, साउकुची, बोरागांव, मालीगांव, चांदमारी और उत्तर गुवाहाटी के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
राहत और बचाव कार्य जारी
NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय हैं। SDRF की टीमें 62 नौकाओं की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं, जबकि प्रशासन ने विभिन्न जिलों में राहत शिविर स्थापित कर विस्थापित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की है। हालांकि, मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका जताई है।
