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असम में बाढ़ की स्थिति: 100 से अधिक मौतें, राहत कार्य जारी

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। लगभग 1.4 लाख लोग प्रभावित हैं, और राहत कार्य तेजी से चल रहा है। सरकार ने राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। प्रभावित जिलों का सर्वेक्षण किया जा रहा है, और स्कूल-कॉलेज फिर से खुल गए हैं। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
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असम में बाढ़ का संकट


सोमवार को असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसमें मृतकों की संख्या 100 तक पहुंच गई है। लगभग 1.4 लाख लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं, और सात जिलों के कई क्षेत्र जलमग्न हैं। कुल 456 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। लगभग 11,933 हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद हो चुकी है। वर्तमान में 14 जिले उच्च सतर्कता पर हैं।


गुवाहाटी में जलभराव और राहत कार्य

गुवाहाटी में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने जानकारी दी कि सरकार ने 252 राहत शिविर और 2050 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और आवश्यक सामग्री प्रदान की जा रही है। राहत के साथ-साथ पुनर्वास का कार्य भी जारी है.


प्रभावित जिलों का सर्वेक्षण


सरकार ने चार सबसे अधिक प्रभावित जिलों, जोरहाट, सिवसागर, चरईदेव और गोलाघाट में नुकसान का आकलन करने का निर्णय लिया है। यह सर्वेक्षण 9 अगस्त से 30 अगस्त तक चलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सहानुभूति के साथ सर्वे करें और नुकसान की तस्वीरें मोबाइल ऐप पर अपलोड करें। पहले चरण का आकलन 30 अगस्त तक पूरा होगा, जिसके बाद परिवारों से दोबारा जांच की जाएगी।


स्कूल और कॉलेज फिर से खुले

सोमवार, 10 अगस्त से पूरे राज्य में स्कूल और कॉलेज फिर से खुल गए हैं। जिन स्कूलों को बाढ़ से अधिक नुकसान हुआ है, उनके छात्रों को पास के अन्य स्कूलों में अस्थायी रूप से बैठाया जा रहा है। सबसे प्रभावित जिलों के स्कूलों को सफाई और मरम्मत के लिए दो-दो लाख रुपये भी दिए गए हैं। हालांकि, बाढ़ से प्रभावित लोगों की परेशानियाँ अभी खत्म नहीं हुई हैं, और कई परिवार अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और सहायता प्रदान कर रही है.