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असम में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित, रेलवे सेवा ठप

असम में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। धेमजी जिले में रेलवे पुल बह गया है, जिससे रेल सेवाएं बाधित हो गई हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राहत कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को भेजा है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति और बिगड़ रही है। जानें इस संकट के बारे में अधिक जानकारी।
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असम में बाढ़ की स्थिति

असम के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। धेमजी जिले में स्थित सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल बह गया है, जिसके चलते रेल सेवाएं बाधित हो गई हैं। बाढ़ के कारण हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। कई गांवों में पानी इतना भर गया है कि लोग कमर तक पानी में चलने को विवश हैं। बारिश का सिलसिला जारी रहने के कारण राहत कार्यों में भी कठिनाई आ रही है। धेमजी जिला अरुणाचल प्रदेश की सीमा के निकट स्थित है, जहां भी बारिश और बाढ़ के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि वह धेमजी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और दो मंत्रियों को मौके पर भेजा गया है।


बाढ़ से प्रभावित लोग

बाढ़ के कारण असम के छह जिलों में लगभग 22,000 लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, कोकराझार, चिरांग, नलबारी और धेमजी के 22,124 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से सबसे अधिक प्रभावित धेमजी है, जहां 15,483 लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं। अब तक 96 गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है और 1690 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।


मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'धेमजी में बाढ़ की स्थिति के बाद से मैं लगातार हालात पर नजर रख रहा हूं। इस आपदा से प्रभावित लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से हमें गहरा दुख है और इस कठिन समय में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए सभी संसाधन जुटा रही है।' उन्होंने जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को धेमजी में राहत कार्यों की निगरानी के लिए भेजा है।


रेलवे सेवा में बाधा

नॉर्थ ईस्ट फ्रंटीयर रेलवे के जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि अर्चीपाथर और सिमेन चपरी स्टेशनों के बीच रेल सेवा बाधित हो गई है। उन्होंने कहा कि 110 सेंटीमीटर से अधिक बारिश के कारण कई क्षेत्रों में मिट्टी का कटाव हुआ है, जिससे नदी के तटबंध टूट गए हैं और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सिमेन नदी पर बना पुल, जो 1965 में बना था, सुरक्षित था, लेकिन लगातार बारिश के कारण पुल के किनारे की मिट्टी बह गई और पुल टूट गया।


यातायात व्यवस्था

हालांकि, राहत की बात यह है कि ट्रेन का आवागमन पहले ही रोक दिया गया था, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। तिनसुकिया डिवीजन में सिलापाथर और मुर्कोंगसेलेक के बीच रेल सेवा अगली सूचना तक बाधित रहेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बसों का इंतजाम किया है और धेमकी, सिलापाथर और मुर्कोंगसेलेक में हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है।


अरुणाचल प्रदेश में भी बाढ़

मुर्कोंगसेलेक रेलवे स्टेशन पर कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में हो रही बारिश के कारण यहां गाड़ियों के आवागमन में दिक्कत हो रही है। लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। दिसांग नदी सिवसागर जिले के नंगलामुरघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस बाढ़ से 48,199 लोग भी प्रभावित हुए हैं। अरुणाचल प्रदेश में भी बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई गांव संपर्क से कट गए हैं, और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमें रास्ता खोलने के लिए काम कर रही हैं।