असम में बाढ़ से तबाही: 66 लोगों की जान गई, 7 लाख प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति
असम बाढ़: जंतर-मंतर में छात्रों ने अपनी जीत का जश्न मनाया है। सरकार ने स्वीकार किया है कि जिम्मेदारी होनी चाहिए, किंतु अब हमारी नजर असम पर है। दिल्ली की आवाज इतनी तेज थी कि असम की स्थिति सुनाई नहीं दी। पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश के कारण दिखौ, दिसंग, धनसिरी (दक्षिण) और कुशियारा नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं, जिससे असम के 12 जिले पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के कारण अब तक 66 लोगों की जान जा चुकी है और 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
असम में बाढ़ की गंभीरता
क्या हालात हैं असम में
असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ के कारण 66 लोगों की मौत हो चुकी है और 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। 37 राजस्व सर्किलों में 856 गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। लगभग 56,606 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी जलमग्न है। शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 3.5 लाख लोग प्रभावित हैं, इसके बाद चराइदेव में लगभग 1.85 लाख और जोरहाट में 1.25 लाख लोग प्रभावित हैं। वर्तमान में प्रभावित जिलों में गोलाघाट, चराइदेव, डिब्रूगढ़, होजई, नागांव, बिश्वनाथ, जोरहाट, धेमाजी, शिवसागर, सोनितपुर, कामरूप (मेट्रो) और कार्बी आंगलोंग शामिल हैं।
बचाव कार्य जारी

बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है
रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिलों में 363 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। लगभग 1.20 लाख लोग इन शिविरों में शरण लिए हुए हैं। दो लाख से अधिक लोगों को राहत सहायता प्रदान की जा रही है। बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लगभग 1,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
पशुओं और फसलों को नुकसान
पशुओं और फसल क्षेत्र में भी भारी नुकसान
लगभग 3.50 लाख पशु और मुर्गे बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। फसल क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें करीब 56,606 हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री हिमंता ने क्या कहा था
24 जुलाई को X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि 18 और 19 जुलाई को नागालैंड में भारी बारिश हुई, विशेषकर मोन, मोकोकचुंग और वोखा जिलों में। उसी समय असम के सौरीदेव जिले में भी भारी बारिश हुई। परिणामस्वरूप, चराइदेव और शिवसागर जिलों का एक बड़ा क्षेत्र जलमग्न हो गया। उन्होंने स्थिति को बेहद दयनीय और खतरनाक बताया और कहा कि यह तबाही नागालैंड और असम के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश के कारण हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि बचाव और राहत अभियान जारी रहने के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
