असम में बाढ़ से प्रभावितों के लिए राहत उपायों की घोषणा
असम में बाढ़ का कहर
असम में हालात अत्यंत गंभीर हैं, जहां बारिश के कारण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। चारों ओर केवल पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। मानसून की बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे हजारों परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़ी
मंगलवार को सात और लोगों की मौत के बाद, राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 75 हो गई है। इस संकट के बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता
असम सरकार ने बाढ़ में मारे गए या लापता लोगों के परिवारों को सहायता देने के नियमों में बदलाव किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब अनुग्रह राशि के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी; क्षेत्रीय अधिकारी का प्रमाणपत्र ही पर्याप्त होगा। सरकार ने मृतकों के परिवारों को अतिरिक्त पांच लाख रुपये देने का निर्णय लिया है।
परिजनों को मिलेगी 9 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पहले प्रत्येक पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जा रही थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। यदि बाढ़ में लापता व्यक्ति का शव एक महीने तक नहीं मिलता है, तो परिवार को कुल नौ लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
अंतरिम राहत का वितरण
सरकार ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों जैसे शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के परिवारों को अंतरिम सहायता देने का निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को घरेलू जरूरतों के लिए 15-15 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग एक लाख परिवारों को यह सहायता बैंक खातों के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
बाढ़ का प्रभाव जारी
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मंगलवार को शिवसागर जिले में सात लोगों की मौत हुई। वर्तमान में शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप शहरी जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों के 622 गांव और 21 राजस्व मंडल जलमग्न हैं। राज्य में तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, जबकि 81 राहत शिविरों में लोग शरण ले रहे हैं।
