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असम में हाथियों की सुरक्षा के लिए रेलवे और वन विभाग का समन्वय

असम के होजाई जिले में हाथियों के रेलवे ट्रैक पर आने से एक बड़ा हादसा टल गया। वन विभाग और रेलवे के कर्मचारियों की तत्परता से राजधानी एक्सप्रेस को समय पर रोका गया, जिससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि कई वन्यजीवों की जान भी बच गई। इस घटना ने सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ाया है। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए गए हैं।
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होजाई में हाथियों का रेलवे ट्रैक पर आना


होजाई: असम के होजाई जिले में राजधानी एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर हाथियों का एक झुंड आ गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने का खतरा उत्पन्न हो गया। हालांकि, वन विभाग के कर्मचारियों ने समय रहते हाथियों को देख लिया और उनकी सतर्कता के चलते ट्रेन को रोका गया। इसके बाद हाथियों को सुरक्षित रूप से ट्रैक पार कराया गया।


हाथियों का झुंड और बढ़ता खतरा

बुधवार की सुबह, होजाई जिले के हवाइपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड रेलवे लाइन पर पहुंच गया। हाथी धीरे-धीरे अपने प्राकृतिक मार्ग से पटरियां पार कर रहे थे, जबकि डाउन दिशा से राजधानी एक्सप्रेस के आने की सूचना थी। यदि थोड़ी भी देरी होती, तो यह इंसानों और वन्यजीवों दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।


वनकर्मियों की तत्परता

हाथियों को देखकर वन विभाग की टीम ने तुरंत लुमडिंग रेलवे नियंत्रण कक्ष और लोको पायलट को सूचित किया। रेलवे ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए राजधानी एक्सप्रेस को हवाइपुर के पास रोक दिया। वनकर्मी लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे और सुनिश्चित किया कि पूरा झुंड सुरक्षित रूप से ट्रैक पार कर जाए।


सुरक्षा को प्राथमिकता

रेलवे और वन विभाग ने जल्दबाजी करने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता दी। हाथियों के पूरी तरह ट्रैक छोड़ने के बाद ही राजधानी एक्सप्रेस को आगे बढ़ने दिया गया। इस निर्णय से न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि कई वन्यजीवों की जान भी बच गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग वनकर्मियों और लोको पायलट की सराहना कर रहे हैं।


सरकार की प्रशंसा

असम के वन मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए वन विभाग, लोको पायलट और रेलवे नियंत्रण कक्ष की सतर्कता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सही समय पर लिया गया निर्णय बड़ी त्रासदी को रोक सकता है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी बताया कि हाथियों के गलियारे वाले क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें नियमित निगरानी करती हैं ताकि रेलवे और वन्यजीवों के बीच टकराव को कम किया जा सके।


सीएम का वीडियो साझा करना

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस घटना का वीडियो साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे हाथियों के कॉरिडोर वाले इलाकों में वन विभाग की टीमें रेलवे ट्रैक के आसपास लगातार निगरानी रखती हैं। उन्होंने आगे लिखा कि 'असम में रेलवे लाइनों के किनारे स्थित अधिकांश हाथी गलियारों में, कर्मचारी हमेशा सतर्क रहते हैं ताकि विशालकाय जीवों को सुरक्षित मार्ग मिल सके।'




पिछले हादसे की याद

होजाई जिला पहले भी हाथियों और ट्रेनों की टक्कर के कारण चर्चा में रहा है। कुछ महीने पहले इसी क्षेत्र में राजधानी एक्सप्रेस की टक्कर से सात हाथियों की मौत हो गई थी। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब रेलवे और वन विभाग संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रख रहे हैं। यह घटना बताती है कि समय पर मिली सूचना, बेहतर समन्वय और कुछ मिनट का धैर्य कई जिंदगियां बचा सकता है।