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आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से भारी नुकसान, मुख्यमंत्री ने मांगी केंद्रीय सहायता

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब ने आंध्र प्रदेश में गंभीर नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल सहायता की मांग की है। प्रभावित जिलों में राहत कार्य जारी है, और 28,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और सरकार की तैयारियों के बारे में।
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चक्रवात अर्नब का कहर


अमरावती: बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न चक्रवाती तूफान अर्नब ने आंध्र प्रदेश में व्यापक तबाही मचाई है। छह जिलों में गंभीर नुकसान हुआ है, जिसमें हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं और सैकड़ों घर तथा बिजली के खंभे गिर गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल सहायता की मांग की है।


केंद्रीय टीम की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने पत्र में केंद्र से अनुरोध किया है कि चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जल्दी से जल्दी एक केंद्रीय टीम आंध्र प्रदेश भेजी जाए, ताकि सही आंकड़े जुटाए जा सकें और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।


NDRF और SDRF की तैनाती

सीएम नायडू ने बताया कि सरकार ने तूफान से पहले ही आवश्यक तैयारियां कर ली थीं, जिसके कारण अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जो एक सकारात्मक संकेत है। राहत और बचाव कार्य के लिए 14 जिलों में 16 NDRF और 11 SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।


चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों से 28,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है, जहां उनके लिए रहने, खाने और दवाओं की व्यवस्था की गई है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) 24 घंटे कार्यरत हैं।


सबसे प्रभावित जिले

मुख्यमंत्री के अनुसार, कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, अनाकापल्ली और कृष्णा जिले चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण धान और अन्य खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। सड़कें टूट गई हैं, कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति बाधित है और सैकड़ों कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है।


सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है। सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने का काम भी चल रहा है।


विस्तृत रिपोर्ट का निर्माण

सीएम नायडू ने कहा कि राज्य सरकार नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है। जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण पूरा होने के बाद एक व्यापक रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रस्तुत की जाएगी। तब तक केंद्र NDRF और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने तूफान के दौरान केंद्र से मिल रहे सहयोग के लिए गृह मंत्री अमित शाह का आभार भी व्यक्त किया।


केंद्रीय टीम की भूमिका

नियमों के अनुसार, जब किसी राज्य में प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान होता है, तो केंद्रीय टीम मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र राज्य को SDRF और NDRF फंड से अतिरिक्त सहायता राशि जारी करता है। सीएम नायडू इसी प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्रीय टीम को जल्द बुलाना चाहते हैं, ताकि प्रभावित किसानों और परिवारों को शीघ्र मुआवजा मिल सके।