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आईआईटी दिल्ली के छात्र की संदिग्ध मौत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

दिल्ली पुलिस ने आईआईटी दिल्ली के एक पीएचडी छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। छात्र को बेहोश और घायल अवस्था में पाया गया था, और 45 दिनों के इलाज के बाद उसकी मृत्यु हो गई। परिवार ने किसी पर संदेह नहीं जताया है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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आईआईटी दिल्ली के छात्र की मौत का मामला

दिल्ली पुलिस ने आईआईटी दिल्ली के एक छात्र की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। यह छात्र बेहोश और घायल अवस्था में पाया गया था। लगभग 45 दिनों के इलाज के बाद, उसकी मृत्यु 3 अक्टूबर को हुई। हालांकि, यह घटना आईआईटी दिल्ली के परिसर में नहीं हुई। परिवार ने किसी पर भी संदेह नहीं जताया है। पुलिस ने बताया कि मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आईआईटी दिल्ली के सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर किशनगढ़ थाने में दर्ज किया गया है।


दिल्ली पुलिस के अनुसार, 40 वर्षीय पीएचडी छात्र 18 अगस्त को मुनिरका गांव में अपने किराए के घर में बेहोश और घायल अवस्था में मिला। उसके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, और पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला। पुलिस ने तुरंत छात्र को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।



लगभग 45 दिन के उपचार के बाद, छात्र की मृत्यु 3 अक्टूबर को हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह घटना आईआईटी दिल्ली के परिसर में नहीं हुई। परिवार के किसी सदस्य या गवाह ने किसी पर भी संदेह नहीं किया। घटना के समय, पीएचडी छात्र अकेला था, और परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग ने भी इस बात की पुष्टि की है।


दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत किशनगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आईआईटी के सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है।