आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: ईडी की गिरफ्तारी के बाद क्या होगा आगे?
सुप्रीम कोर्ट में आजम खां की याचिका पर सुनवाई
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां, जो हाल ही में जेल से रिहा हुए थे, को ईडी के शिकंजे में आना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर त्वरित सुनवाई करने से मना कर दिया है। इस मामले में इस सप्ताह सुनवाई की संभावना जताई जा रही है। आजम खां को शनिवार शाम को रामपुर जेल से जमानत पर रिहाई मिली, लेकिन जेल के बाहर ही ईडी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और गाजियाबाद ले गई। रविवार को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजा गया। आज उनकी रिमांड कस्टडी पर सुनवाई हो सकती है।
CJI का बयान: सुनवाई इसी हफ्ते होगी
आजम खां के वकील निजाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की अपील की थी। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि याचिका को इस सप्ताह सूचीबद्ध किया जा सकता है।
मामले का विवरण
यह मामला मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग का है। ईडी ने यूपी पुलिस द्वारा आजम खां और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 58 FIR को आधार बनाकर धनशोधन का मामला दर्ज किया है। ईडी का आरोप है कि आजम खां ने शहरी विकास मंत्री रहते हुए अपने पद और यूपी जल निगम में अपने प्रभाव का उपयोग कर सरकारी धन को निजी यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाया। एजेंसी ने 28 अक्टूबर को रामपुर स्थित यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अटैच किया था, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत 1,170 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इससे पहले, रामपुर विकास प्राधिकरण ने जुलाई में यूनिवर्सिटी कैंपस की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ यूनिवर्सिटी ने अपील की है। ईडी ने अगस्त में इस मामले में छापेमारी कर आजम खां से पूछताछ भी की थी। वर्तमान में 78 वर्षीय सपा नेता के खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
