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आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद ED ने किया गिरफ्तार

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को रामपुर जेल से रिहा किया गया, लेकिन उनकी स्वतंत्रता का क्षण अल्पकालिक रहा। जैसे ही वह जेल से बाहर आए, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आजम खान पर जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि मुसलमान होने की सजा मिल रही है। इस घटना के दौरान उनके समर्थक जेल के बाहर मौजूद थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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रामपुर जेल से रिहाई और गिरफ्तारी

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को शनिवार शाम लगभग साढ़े सात बजे रिहा किया गया। जैसे ही वह जेल से बाहर आए, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के लिए ले गई। इस बीच, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने भी जेल से रिहाई के बाद अपने घर की ओर प्रस्थान किया।

आजम खान को जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने गिरफ्तार किया है। उनकी रिहाई की सूचना मिलते ही, ED की टीम 15 गाड़ियों के साथ सीआरपीएफ जवानों के साथ रामपुर जेल पहुंची। आजम खान को हिरासत में लेने के बाद उन्हें गाड़ी में बैठाने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ को काफी मेहनत करनी पड़ी। अब्दुल्ला आजम खान को घर जाने की अनुमति दी गई।

आजम खान की रिहाई की जानकारी मिलने पर ED ने अजीमनगर थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई थी। आजम खान के खिलाफ अजीमनगर थाने में दर्ज भ्रष्टाचार की एफआईआर पर सोमवार को सुनवाई होने वाली है।

आजम खान का बयान

रामपुर जेल से रिहा होने के बाद, आजम खान ने कहा कि अब कहने के लिए कुछ नहीं बचा है। उन्होंने कहा, "मैं क्या कहूं? कानून खत्म हो गया है। मुसलमान होने की सजा है। हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए। यही हमारा गुनाह है।"

आजम खान की रिहाई से पहले, उनके समर्थक और सपा कार्यकर्ता जेल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद थे। प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी वहां तैनात थी, और रिहाई के समय सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।