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आजमगढ़ में खौफनाक मुठभेड़: पिता ने पत्नी और पुजारियों की हत्या के बाद बेटे को भी मारा

आजमगढ़ में एक पिता ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की हत्या कर दी और फिर अपने बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। जब पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, तो उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी। इस खौफनाक घटना का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जिसमें आरोपी मारा गया। जानें इस घटना के सभी विवरण और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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आजमगढ़ में हुई त्रासदी

आजमगढ़: आजमगढ़ में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की हत्या कर दी, जिसके बाद वह अपने बेटे के साथ एक कमरे में बंद हो गया। इस खौफनाक घटना का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जिसमें आरोपी मारा गया। इस दौरान उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी। मंगलवार शाम से लेकर देर रात तक चले इस घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की जान गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों को भी निशाना बनाया। आजमगढ़ के SSP डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी ने अपने बच्चों को कमरे में बंद कर रखा था और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसने बंद कमरे में गोली भी चलाई, जिससे एक बच्चे को चोट आई।


घटना का विवरण

अहरौला थाना क्षेत्र की घटना

यह घटना आजमगढ़ के अहरौला थाना के शम्भूपुर गांव में हुई। जहां मंगलवार शाम को अरविंद सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन वह बच्चों को गोली मारने की धमकी देता रहा। इस बीच, उसने एक बच्चे को गोली मार दी।


पुलिस की कार्रवाई

सरेंडर करने का प्रयास

पुलिस ने घटना की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी अरविंद को बच्चों के साथ कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि, आरोपी ने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसे और घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मौके से दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।


पंडितों से विवाद

आधार कार्ड की मांग पर विवाद

जानकारी के अनुसार, अरविंद के घर में पिछले कुछ दिनों से एक विशेष पूजा चल रही थी। मंगलवार शाम को जब वह घर आया, तो उसने पूजा कर रहे पुजारियों से आधार कार्ड मांगा, जिस पर उसकी पत्नी से बहस हुई। इसी दौरान उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी, जिससे उसकी पत्नी और दो पुजारियों की मौत हो गई। मृतक पुजारियों की पहचान महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के रूप में हुई है।


आरोपी का आत्मरक्षा प्रयास

कमरे में बंद होना

पत्नी और पुजारियों की हत्या के बाद, अरविंद ने अपने बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। पुलिस और ग्रामीणों ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन वह बच्चों को मारने की धमकी देता रहा। देर रात गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिस ने कमरे में दाखिल होने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने पुलिस पर भी फायरिंग की। इस दौरान पुलिस की गोली से वह घायल हुआ और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।