आदि कैलाश मंदिर 5 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होगा
उत्तराखंड का प्रसिद्ध आदि कैलाश मंदिर
आदि कैलाश मंदिर: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध आदि कैलाश शिव-पार्वती मंदिर के कपाट 5 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। यह मंदिर लगभग 14,500 फीट की ऊंचाई पर है और नवंबर में संभावित भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय मंदिर समिति, स्थानीय निवासियों और पुजारियों की सहमति से लिया गया है। मंदिर के बंद होने के बाद श्रद्धालु यहाँ पूजा नहीं कर सकेंगे और उन्हें अगले साल मई 2027 तक इंतजार करना होगा।
5 नवंबर को कपाट बंद होने की प्रक्रिया
आदि कैलाश विकास समिति और स्थानीय निवासियों के अनुसार, मंदिर के कपाट 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पारंपरिक पूजा के बाद बंद किए जाएंगे। पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि नवंबर में इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी की संभावना होती है, जिससे मंदिर तक पहुंचना कठिन हो जाता है। इसलिए हर साल सर्दियों में मंदिर के कपाट बंद करने की परंपरा है। कपाट बंद करने के निर्णय की सूचना प्रशासन को दे दी गई है और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना 5 नवंबर की तारीख को ध्यान में रखकर बनाएं।
मई 2027 में पुनः खुलेंगे कपाट
सर्दियों के दौरान आदि कैलाश क्षेत्र में तापमान काफी गिर जाता है और बर्फबारी के कारण रास्ते भी बाधित होते हैं। इसी कारण मंदिर को सर्दियों में बंद रखा जाता है। अगले साल मई 2027 में मौसम अनुकूल होने पर मंदिर के कपाट फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। मंदिर बंद होने के बाद कुटी गांव के निवासी भी अपने घरों को छोड़कर धारचूला की निचली घाटी में अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों की ओर चले जाएंगे।
आदि कैलाश यात्रा जारी रह सकती है
हालांकि मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद आदि कैलाश यात्रा पर तत्काल रोक नहीं लगेगी। धारचूला के उप जिलाधिकारी आशीष जोशी के अनुसार, जब तक मौसम अनुकूल रहेगा, प्रशासन की ओर से इनर लाइन परमिट जारी किए जाते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मौसम प्रतिकूल हो जाता है और भारी बर्फबारी होती है, तो परमिट जारी करने की प्रक्रिया रोक दी जाएगी। लेकिन 5 नवंबर के बाद श्रद्धालु शिव-पार्वती मंदिर में दर्शन और पूजा नहीं कर सकेंगे। इसलिए यात्रा पर जाने से पहले प्रशासन से ताजा जानकारी लेना आवश्यक होगा।
