आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान मामले पर पहली बार दी प्रतिक्रिया
आदित्य ठाकरे का बयान
सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत के मामले में नाम आने के बाद आदित्य ठाकरे ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी दिशा से मुलाकात नहीं की और न ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं।
दिशा सालियान की संदिग्ध मौत
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। उनकी मौत का कारण 14वीं मंजिल से गिरना बताया गया। इसके लगभग छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे। उनकी मौत का रहस्य आज तक नहीं सुलझा है।
सीबीआई जांच और आरोप
14 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू की। इस मामले में आदित्य ठाकरे, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती शामिल हैं। आदित्य ने कुछ लोगों पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक कारणों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
दिशा के पिता की याचिका
दिशा सालियान के पिता, सतीश सालियान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत के मामले में लापरवाही का आरोप लगाया। 2 सितंबर को हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा गया। केंद्रीय एजेंसी ने गैंगरेप, हत्या, आपराधिक साजिश, सबूतों को नष्ट करने और झूठी सूचना देने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
'चरित्र हनन का प्रयास'
'जानबूझकर चरित्र हनन का प्रयास'
आदित्य ठाकरे ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'आइए तथ्यों पर ध्यान दें। मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही उन्हें जानता था। पिछले छह वर्षों से कुछ लोग राजनीतिक और निजी कारणों से इस दुखद मामले में मेरा नाम जोड़ रहे हैं। यह बिना किसी सबूत के जानबूझकर चरित्र हनन का प्रयास है।'
सच्चाई के साथ खड़े रहने का संकल्प
हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे: आदित्य
आदित्य ने आगे कहा, 'राजनीतिक मंशा से किए जा रहे दुष्प्रचार और चरित्र हनन से विचलित हुए बिना आधिकारिक पुनः जांच को आगे बढ़ने दिया जाए। मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं जो सोचते हैं कि राजनीतिक लाभ के लिए किए जा रहे ऐसे दुर्भावनापूर्ण प्रयास हमें सच्चाई और अपने नागरिकों के लिए लड़ने से रोक देंगे, उनकी यह रणनीति विफल होगी। हम हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और उसके लिए लड़ेंगे।'
