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इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति: अमेरिका और कतर की भूमिका

अमेरिका और कतर के मध्यस्थता से इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी है। यह समझौता ईरान की मदद से हुआ है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की कमजोर सैन्य स्थिति पर भी टिप्पणी की है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
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इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति: अमेरिका और कतर की भूमिका

अमेरिका और कतर के मध्यस्थता से हुआ समझौता


वॉशिंगटन डीसी/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह सीजफायर शुक्रवार शाम 4 बजे स्थानीय समय (भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे) से प्रभावी हो गया है।


एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और कतर के मध्यस्थों ने ईरान की सहायता से यह समझौता किया। गुरुवार को हुई गोलीबारी के बाद दोनों पक्षों ने लड़ाई रोकने पर सहमति जताई।


ईरान की मजबूरी और अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के संदर्भ में कड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि ईरान मजबूरी में बातचीत की मेज पर आया है और अब वह समाप्त हो चुका है। हम 60 दिन की प्रक्रिया पूरी करेंगे और उसे एक डॉलर भी नहीं मिलेगा।


ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है। उनके अनुसार, ईरान के पास अब एयरफोर्स, नौसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार जैसी क्षमताएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं।