इजराइल चुनाव: नेतन्याहू का गठबंधन आगे, लेकिन बहुमत से दूर
इजराइल के चुनाव परिणाम
नई दिल्ली। इजराइल की संसद, जिसे नेसेट कहा जाता है, में पिछले 50 वर्षों में सबसे अधिक मतदान हुआ है, लेकिन किसी भी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के विपरीत, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी का गठबंधन सबसे आगे चल रहा है। पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की याशार पार्टी पीछे रह गई है। बुधवार की रात तक हुई गिनती के अनुसार, दोनों पार्टियों के बीच केवल पांच सीटों का अंतर था। इस बार अरब पार्टियों ने भी ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है।
गिनती के अनुसार, लगभग 86 प्रतिशत वोटों की गणना हो चुकी थी। इसमें नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिलती दिख रही थीं, जबकि गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन 48 सीटों पर आगे था। इस स्थिति में, नेतन्याहू की पार्टी को सरकार बनाने के लिए आठ सीटों की आवश्यकता होगी।
दूसरी ओर, अरब पार्टियों की जॉइंट लिस्ट 12 और राअम सात सीटों पर आगे हैं, जिससे कुल 19 सीटें हो रही हैं। यह इजराइल के चुनावी इतिहास में अरब पार्टियों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में, नेतन्याहू और विपक्ष दोनों ही बहुमत से दूर हैं, जिससे अरब पार्टियों का समर्थन सरकार गठन में महत्वपूर्ण हो सकता है।
इजराइल में सरकार बनाने के लिए चुने गए नेता को प्रारंभ में 28 दिन का समय मिलता है, जिसे राष्ट्रपति 14 दिन और बढ़ा सकते हैं। इस दौरान, नेता को अन्य पार्टियों से बातचीत कर समर्थन जुटाना होता है। इस बीच, इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने सभी राजनीतिक दलों से नई सरकार बनाने के लिए बातचीत करने और दोबारा चुनाव से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी दलों को खुले मन से चर्चा करनी चाहिए। हर्जोग ने कहा कि अगले हफ्ते चुनाव के आधिकारिक परिणाम आने के बाद वे संसद में सभी दलों से बातचीत शुरू करेंगे। उल्लेखनीय है कि इजराइल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व की प्रणाली है, जिसके तहत हर दल को मिले वोट के अनुपात में सीटें मिलती हैं। इस कारण से, इजराइल की स्थापना के बाद से किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है।
