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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता चुनौती को खारिज किया

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता द्वारा कोई ठोस सबूत पेश न करने के कारण कोर्ट ने यह निर्णय लिया। इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने आरोपों को झूठा बताया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सुप्रिया श्रीनेत के बयान के बारे में।
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राहुल गांधी को मिली बड़ी राहत

लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। कोर्ट ने उनकी भारतीय नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को याचिकाकर्ता द्वारा वापस लिए जाने के बाद खारिज कर दिया है।

न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की पीठ ने बुधवार को स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने के आरोप का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। याचिका में यह दावा किया गया था कि राहुल गांधी, जिन्हें राउल विंची के नाम से भी जाना जाता है, रायबरेली से लोकसभा सदस्य के रूप में अपने पद पर बने रहने के अधिकार को चुनौती दी गई थी।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि इसी मुद्दे पर याचिकाकर्ता पहले भी 2015 और 2019 में याचिकाएं दायर कर चुका है। 2015 में दाखिल याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा था कि नागरिकता संबंधी शिकायतों का निपटारा नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9(2) के तहत केंद्र सरकार के समक्ष किया जाना चाहिए। 2019 में भी इसी मुद्दे पर याचिका में केंद्र सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की स्वतंत्रता दी गई थी।

वर्तमान याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 2003 में ब्रिटेन में पंजीकृत कंपनी बैकऑप्स लिमिटेड में निदेशक और प्रमुख शेयरधारक के रूप में खुद को ब्रिटिश नागरिक घोषित किया था। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता से इस मामले में कोई ठोस दस्तावेज पेश करने को कहा, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका।

कोर्ट ने कहा कि केवल कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय का कथित पत्र, जिसमें राउल विंची के अध्ययन की पुष्टि की गई थी, आरोपों को प्रमाणित नहीं करता। इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

सुप्रिया श्रीनेत का बयान

इस फैसले पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के एक व्यक्ति ने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता का झूठा आरोप लगाया था। कोर्ट ने याचिका खारिज करते समय कहा कि आरोप सिद्ध करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस मामले पर कई मीडिया चैनलों ने ब्रेकिंग न्यूज़ चलाई थी, लेकिन जब याचिका खारिज हुई तो कोई चर्चा नहीं हुई। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि नागरिकता के इस झूठ पर लाखों रुपए खर्च हुए, लेकिन अंततः यह सब बेकार साबित हुआ।