ई20 पेट्रोल के उपयोग से पुराने वाहनों में माइलेज में मामूली कमी का दावा
केंद्र सरकार का बयान
नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने बुधवार को जानकारी दी कि ई20 पेट्रोल (जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया गया है) के उपयोग से कुछ पुराने वाहनों में ईंधन दक्षता में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, इस मिश्रण के कारण इंजन में गंभीर खराबी या अन्य समस्याओं का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
राज्यसभा में मंत्री का उत्तर
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि ई10 के लिए डिज़ाइन किए गए पुराने वाहनों में माइलेज में कमी आमतौर पर 3 से 5 प्रतिशत तक सीमित रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी वाहन का माइलेज केवल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ड्राइविंग की आदत, वाहन का रखरखाव, टायर प्रेशर, व्हील अलाइनमेंट और एयर कंडीशनर के उपयोग जैसे कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
ई20 पेट्रोल के फायदे
सुरेश गोपी ने कहा, "ई10 के लिए डिज़ाइन किए गए कुछ पुराने वाहनों में ईंधन दक्षता में कमी सामान्यतः मामूली होती है।" उन्होंने यह भी बताया कि ई20 पेट्रोल के कई लाभ हैं, जैसे उच्च ऑक्टेन रेटिंग, बेहतर एंटी-नॉक प्रदर्शन, बेहतर दहन क्षमता और स्मूथ एक्सीलरेशन।
नितिन गडकरी का बयान
इस बीच, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ई20 पेट्रोल पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए आलोचकों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी वाहन को 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से नुकसान हुआ है, तो उसका एक उदाहरण पेश किया जाए। उन्होंने माइलेज में कमी और अन्य दावों को "पेड कैंपेन" का हिस्सा बताया।
गडकरी का स्पष्ट बयान
विकसित भारत कॉन्क्लेव में बोलते हुए गडकरी ने कहा, "ई20 पेट्रोल के कारण किसी भी कार में खराबी आने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अगर किसी वाहन में ई20 पेट्रोल से समस्या हुई है, तो उसका सिर्फ एक उदाहरण बता दीजिए।" उन्होंने यह भी कहा कि उच्च एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बारे में झूठे नैरेटिव फैलाए जा रहे हैं।
