ईडी ने गोपाल कांडा के ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत छापेमारी की
ईडी की कार्रवाई
सिरसा: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री और विधायक गोपाल कांडा के ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई गुरुग्राम स्थित वाटिका लिमिटेड नामक रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच के तहत की गई। ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत कांडा से जुड़े तीन स्थानों की तलाशी ली, जिसमें उनका आवास, फार्महाउस और कार्यालय शामिल हैं।
जांच का विवरण
जांच के अनुसार, निवेशकों को कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए आकर्षित किया गया था। उन्हें समय पर कब्जा देने, निश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। चार प्रोजेक्ट्स के तहत 661 निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए। आरोप है कि निवेशकों को अब तक न तो प्रोजेक्ट्स का कब्जा दिया गया और न ही सेल डीड पूरी की गई।
फंड डायवर्जन की जांच
जांच एजेंसी को ऐसे लेन-देन की जानकारी मिली है, जिसमें निवेशकों से जुटाई गई रकम को अन्य कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डायवर्ट किए गए फंड का उपयोग किस प्रकार और किन कंपनियों में किया गया।
गोपाल कांडा का राजनीतिक इतिहास
गोपाल कांडा सिरसा से हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के गोकुल सेतिया से 7,234 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। सेतिया को 79,020 और कांडा को 71,786 वोट मिले थे।
पिछली कार्रवाई
इससे पहले भी ईडी ने गोपाल कांडा के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। अगस्त 2023 में, ईडी की टीमों ने उनके सिरसा स्थित आवास और एमडीएलआर एयरलाइंस के कार्यालय में लगभग 21 घंटे तक दस्तावेजों की जांच की थी।
गीतिका शर्मा मामला
गोपाल कांडा वर्ष 2012 में पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा की आत्महत्या के मामले में भी चर्चा में आए थे। उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन 2023 में एक अदालत ने उन्हें और एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया।
वर्तमान जांच का उद्देश्य
ईडी की ताजा कार्रवाई वाटिका लिमिटेड से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच पर केंद्रित है। एजेंसी का लक्ष्य कथित लेन-देन और फंड के प्रवाह से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाना है।
