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ईपीएफओ ने यूएएन एक्टिवेशन के लिए नए नियम लागू किए, उमंग ऐप पर सेवाएं स्थानांतरित

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यूएएन एक्टिवेशन और नया यूएएन जनरेट करने की सेवाएं उमंग ऐप पर उपलब्ध होंगी। इस बदलाव के तहत आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है। जानें कैसे आप अपने यूएएन को सक्रिय कर सकते हैं और नए यूएएन के लिए आवेदन कर सकते हैं। ईपीएफओ ने यह कदम डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए उठाया है।
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ईपीएफओ का नया पोर्टल और सेवाओं में बदलाव

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक सप्ताह तक चलने वाले अपग्रेड के बाद अपना यूनिफाइड मेंबर पोर्टल फिर से चालू कर दिया है। इस नए पोर्टल में बेहतर डिज़ाइन, तेज़ प्रोसेसिंग और सुरक्षा सुविधाएं जोड़ी गई हैं। हालांकि, इस अपग्रेड के साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव भी आया है। अब यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) का एक्टिवेशन और नया यूएएन जनरेट करने की सुविधा ईपीएफओ पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होगी। इन सेवाओं को अब सरकार के उमंग ऐप पर स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (एफएटी) का उपयोग करना होगा।


ईपीएफओ के अनुसार, यह परिवर्तन डेटाबेस के एकीकरण और सॉफ्टवेयर के आधुनिकीकरण के तहत किया गया है, जिससे ऑनलाइन सेवाएं और भी तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकें।


नए अपग्रेड के बाद, ईपीएफओ ने मेंबर सेवाओं में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यूएएन एक्टिवेशन और नया यूएएन जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह से उमंग ऐप पर होगी। इसके साथ ही, यूएएन एक्टिवेशन के लिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। जिन सदस्यों को अपना यूएएन भूल गया है, उनके लिए उसे पुनः प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है।


यदि आपका यूएएन अभी तक सक्रिय नहीं हुआ है, तो अब आपको यह प्रक्रिया उमंग ऐप के माध्यम से पूरी करनी होगी। सबसे पहले, अपने मोबाइल में उमंग ऐप डाउनलोड करें। फिर ऐप खोलकर ईपीएफओ सर्विसेज सेक्शन में जाएं और 'यूएएन सर्विसेज थ्रू फेस ऑथेंटिकेशन' के तहत 'यूएएन एक्टिवेशन' विकल्प चुनें। इसके बाद आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें और स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका यूएएन सक्रिय हो जाएगा।


ईपीएफओ ने अपनी वेबसाइट से नया यूएएन जनरेट करने की सुविधा भी हटा दी है। अब जिन कर्मचारियों को नया यूएएन चाहिए, उन्हें भी उमंग ऐप का उपयोग करना होगा। इसके लिए उमंग ऐप में ईपीएफओ सर्विसेज खोलें, फिर 'यूएएन अलॉटमेंट एंड एक्टिवेशन' विकल्प चुनें। इसके बाद आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें और बताए गए निर्देशों का पालन करें। सफल सत्यापन के बाद नया यूएएन जारी कर दिया जाएगा।


अगर किसी कर्मचारी का ईपीएफ अकाउंट पहले से है लेकिन अभी तक उसे यूएएन नहीं मिला है, तो वह भी उमंग ऐप के जरिए इसे प्राप्त कर सकता है। इसके लिए कर्मचारी को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सत्यापित करना होगा, आवश्यक सदस्य संबंधी जानकारी भरनी होगी और वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सत्यापन सफल होने के बाद नया यूएएन जारी कर उसे मौजूदा ईपीएफ खाते से लिंक कर दिया जाएगा।


ईपीएफओ ने यूएएन रिकवरी की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। यदि कोई सदस्य अपना यूएएन भूल गया है, तो उसे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। इसके बाद पहचान या पते से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी का सत्यापन करने के बाद सदस्य अपना यूएएन दोबारा प्राप्त कर सकता है।


हालांकि, यूएएन से जुड़ी अधिकांश सेवाएं उमंग ऐप पर स्थानांतरित कर दी गई हैं, लेकिन ऑनलाइन डेथ क्लेम दाखिल करने की सुविधा अभी भी ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। इसके लिए लाभार्थी के पास आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र, कैंसिल चेक या बैंक पासबुक और आवश्यकता पड़ने पर जन्मतिथि का प्रमाण होना चाहिए। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि सभी दस्तावेज पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड किए जाएं, प्रत्येक फाइल का आकार 2 एमबी से कम हो और फाइल के नाम में स्पेस न हो।


ईपीएफओ ने बताया कि पोर्टल अपग्रेड के बाद शुरुआती दो सप्ताह तक क्लेम और ऑनलाइन अनुरोधों के निपटारे में सामान्य से थोड़ा अधिक समय लग सकता है। ऐसा अतिरिक्त सत्यापन और तकनीकी जांच के कारण होगा।


संगठन ने सदस्यों से अपील की है कि वे एक ही अनुरोध को बार-बार सबमिट न करें और पीक समय के दौरान बार-बार लॉगिन करने से भी बचें। इससे सिस्टम पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और सभी सदस्यों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।


ईपीएफओ का कहना है कि यह बदलाव डिजिटल सेवाओं को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उमंग ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन लागू होने से फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी और पीएफ खाताधारकों को भविष्य में अधिक सुरक्षित और तेज ऑनलाइन सेवाएं मिल सकेंगी।