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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच मिस्र पर ड्रोन हमला

हाल के घटनाक्रम में, ईरान ने मिस्र पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया है, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है। सऊदी अरब ने भी युद्ध में भाग लिया है, और इस हमले के पीछे ईरान का हाथ होने का संदेह है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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ईरान का मिस्र पर ड्रोन हमला


नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में सऊदी अरब ने पहली बार युद्ध में भाग लिया है, जबकि ईरान ने मिस्र पर हमला किया है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, मिस्र सरकार ने बताया कि बुधवार को दमियाता पोर्ट पर दो गैस टैंकरों में आग लगना एक हादसा नहीं, बल्कि ड्रोन हमले का परिणाम था।


न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन ने अमेरिकी कंपनी के नैचुरल गैस स्टोरेज टैंकर एनरगोस विंटर को निशाना बनाया, जिससे आग पास के दूसरे टैंकर गैसलॉग सलेम तक फैल गई। हालांकि, दमकल विभाग ने जल्दी ही आग पर काबू पा लिया। इस हमले के पीछे ईरान का हाथ होने का संदेह है। ईरानी सूत्रों के अनुसार, ईरान ने यह हमला यह संदेश देने के लिए किया कि यदि युद्ध और बढ़ा, तो वैश्विक समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।


इस बीच, ईरान ने पाकिस्तान या कतर में वार्ता के लिए किसी प्रतिनिधिमंडल भेजने की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरानी मीडिया ने बताया है कि ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में वार्ता शुरू होने की खबरों का खंडन किया है। एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की हालिया कार्रवाई के कारण ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत में भी बाधाएं उत्पन्न हुई हैं।