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ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम फिर टूटा, ट्रंप ने दी चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम फिर से टूट गया है, जिससे तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसे समझौता वार्ता में देरी का खामियाजा भुगतना होगा। ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जबकि ट्रंप ने ईरान की सेना की स्थिति को कमजोर बताया है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि देश को 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति से बाहर निकलना होगा। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम फिर टूटा, ट्रंप ने दी चेतावनी

युद्धविराम का टूटना


नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच दो अप्रैल से जारी युद्धविराम अब टूट चुका है। हालांकि यह कहना मुश्किल है कि यह स्थायी रूप से समाप्त हो गया है, लेकिन दोनों देशों के बीच एक बार फिर से संघर्ष हुआ है। इससे पहले इजराइल और ईरान के बीच भी एक संक्षिप्त युद्ध हुआ था। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से चेतावनी दी है कि उसने समझौता वार्ता में देरी की है और अब उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।


ट्रंप की चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ईरान की हार का दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह से बिखर चुकी है और उनकी नौसेना तथा वायु सेना लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान केवल बड़ी बातें करता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने मध्य पूर्व में अपने आपको सबसे बड़ा समझा, लेकिन अब वह समाप्त हो चुका है।


ईरान का जवाब

इससे पहले, ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि ये हमले अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज की खाड़ी के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।


अमेरिकी हेलीकॉप्टर का क्रैश

अमेरिका ने यह हमला तब शुरू किया जब सोमवार को होर्मुज की खाड़ी के पास एक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। ईरान ने इस हेलीकॉप्टर को गिराने की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि ईरान को इसका जवाब देना होगा। इसके बाद ही अमेरिका ने ईरान पर हमला शुरू किया।


ईरान का रुख

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि देश को ‘न युद्ध, न शांति’ की स्थिति से बाहर निकलना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी चाहते थे कि बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकाला जाए। पेजेशकियान ने यह स्पष्ट किया कि युद्ध ईरान के लिए फायदेमंद नहीं है, लेकिन अगर कोई देश उस पर हमला करता है, तो ईरान जवाब देगा।