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ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता का नया दौर शुरू

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को समाप्त करने के लिए एक नई शांति वार्ता का आरंभ होने जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री ने इस महत्वपूर्ण समझौते की जानकारी दी है, जिसमें युद्ध समाप्ति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। जानें इस वार्ता के विभिन्न चरणों और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता का नया दौर शुरू

ईरान और अमेरिका के बीच शांति की नई पहल

तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच, अब शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बताया कि दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते पर बातचीत का नया चरण शुक्रवार से आरंभ होगा। इससे पहले, दोनों पक्षों ने युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति जताई है, जिस पर शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।


सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेहरान में विदेशी राजनयिकों के साथ एक बैठक में अराघची ने इस समझौते की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बातचीत को दो चरणों में विभाजित किया गया है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के कारण कई जटिलताएं उत्पन्न हुई हैं।


विदेश मंत्री ने कहा कि पहले चरण में युद्ध समाप्त करने, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान की जमी हुई संपत्तियों और युद्ध से हुए नुकसान के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर समझौता ज्ञापन तैयार किया गया है। वहीं, दूसरे चरण में अगले 60 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर चर्चा जारी रहेगी।


अराघची ने कहा कि इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू युद्ध समाप्ति की घोषणा है। उन्होंने बताया कि समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सोमवार सुबह युद्ध समाप्ति की घोषणा की गई थी, जबकि समझौता ज्ञापन आधिकारिक रूप से शुक्रवार से लागू होगा।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते में लेबनान की स्थिति को भी शामिल किया गया है। अराघची के अनुसार, लेबनान में युद्ध का अंत और वहां से इजरायली सेना की वापसी इस शांति प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। जब तक कब्जे वाले लेबनानी क्षेत्रों से इजरायली सैनिक नहीं हटते, तब तक युद्ध की समाप्ति को पूर्ण नहीं माना जा सकता।


ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि अब से लेबनान पर इजरायल का कोई भी सैन्य हमला या वहां कब्जा बनाए रखना शांति समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान ने सोमवार को कई सप्ताह की वार्ताओं के बाद युद्ध समाप्ति संबंधी समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। इस पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।


28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत कई ईरानी शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।