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ईरान का अमेरिका के खिलाफ जवाबी हमला, बहरीन और जॉर्डन में सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी

पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। जॉर्डन ने चार मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया है, जबकि ईरान ने एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इस बीच, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है। जानें इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी।
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पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

तेहरान: अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव में वृद्धि हुई है। ईरान ने बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है। बहरीन में एंटी-मिसाइल अलर्ट सायरन लगातार बज रहे हैं, जबकि जॉर्डन ने यह जानकारी दी है कि उसने ईरान द्वारा दागी गई चार मिसाइलों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम की सहायता से नष्ट कर दिया है।


जॉर्डन सरकार के अनुसार, मिसाइलों का पता उनके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद चला, जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम ने तुरंत कार्रवाई की।


हालांकि, ईरान का कहना है कि उसने जॉर्डन में एक अमेरिकी एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इसके साथ ही, तेहरान ने जॉर्डन से अपने देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाने की मांग की है।


इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में कहा, "हम जॉर्डन की जनता के प्रति कोई दुश्मनी नहीं रखते। हम उन लोगों का सम्मान करते हैं जो फिलिस्तीन में हो रहे अत्याचार को समझते हैं।"


इस बीच, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने अबू मूसा, बंदर अब्बास, बुशहर, चाबहार, जस्क और कोनारक के आसपास के क्षेत्रों में कार्रवाई की है। इस अभियान में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ उसकी समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।


वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में यूएई के झंडे वाले दो टैंकरों पर हमला किया। इस हमले में एक चालक दल के सदस्य की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए। हमले के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई, जिसे बाद में बुझा दिया गया।


क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।