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ईरान का अमेरिका को कड़ा संदेश: खार्ग आइलैंड पर कब्जे की कोशिश पर कोई भी सैनिक नहीं बचेगा

ईरान ने अमेरिका को खार्ग आइलैंड पर कब्जे की कोशिश करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि यदि ऐसा किया गया, तो कोई भी अमेरिकी सैनिक जीवित नहीं लौटेगा। खार्ग आइलैंड, जो ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है, वैश्विक तेल बाजार पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। जानें इस तनाव के पीछे का इतिहास और इसके संभावित वैश्विक परिणाम।
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अमेरिका के बयान पर ईरान की प्रतिक्रिया


ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खार्ग आइलैंड पर कब्जे के संबंध में दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ईरान में ऐसे लोग हैं जो अमेरिकी सैनिकों के आगमन का इंतजार कर रहे हैं। खार्ग आइलैंड और उसके आस-पास किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यदि खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की गई, तो अमेरिकी सैनिक जीवित वापस नहीं लौटेंगे।


खार्ग आइलैंड की तेल भंडारण क्षमता

खार्ग आइलैंड, जो ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट है। इस आइलैंड में लगभग 3 करोड़ बैरल तेल स्टोर करने की क्षमता है, जबकि वर्तमान में यहां लगभग 1.8 करोड़ बैरल तेल मौजूद है। यह मात्रा सामान्य परिस्थितियों में 10 से 12 दिन के निर्यात के बराबर है।


इतिहास में खार्ग आइलैंड का कब्जा

खार्ग आइलैंड पर पहले 18वीं शताब्दी के मध्य में डच औपनिवेशिक शक्तियों का कब्जा था। डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1752-1753 के आसपास यहां एक किला बनाया था, जिसे 1766 में फारसी गवर्नर मीर मुहन्ना ने हराकर डचों को खदेड़ दिया।


खार्ग पर हमले का वैश्विक प्रभाव

अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिका खार्ग आइलैंड के तेल टर्मिनल और भंडारण ढांचे पर बड़ा हमला करता है, तो इसका प्रभाव केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। ईरान का लगभग 90% कच्चा तेल खार्ग आइलैंड से निर्यात होता है, जो कि ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है।


वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा

वैश्विक तेल खपत लगभग 10-10.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन है। ईरान की आपूर्ति रुकने से वैश्विक आपूर्ति में 1.5%-2% की कमी आ सकती है। इसके अलावा, खार्ग पर हमले से सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और कतर की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक महंगाई में इजाफा हो सकता है।


संभावित शांति वार्ता

इस बीच, मध्यस्थों ने ईरान और अमेरिका के बीच एक अंतरिम समझौते को फिर से लागू करने के लिए 10 दिनों तक हमले रोकने का प्रस्ताव दिया है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य दोनों पक्षों को बातचीत का अवसर देना है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।