ईरान के नेता खामेनेई का अमेरिका को स्पष्ट संदेश: नीति में कोई बदलाव नहीं
खामेनेई का अमेरिका के प्रति रुख
नई दिल्ली - अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के परिणामों के बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने वॉशिंगटन को एक स्पष्ट संदेश भेजा है कि अमेरिकी राजनीति में बदलाव का ईरान की विदेश नीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईरान का अमेरिका के प्रति दृष्टिकोण और उसकी प्रतिरोध की नीति पहले की तरह बनी रहेगी। खामेनेई ने चेतावनी दी कि ईरान के संबंध में किसी भी प्रकार की गलतफहमी नहीं रखी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेशों में, खामेनेई ने अमेरिका और पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर को ईरानी जनता अमेरिका के प्रति अपने रुख और नीतियों को पहले से अधिक स्पष्टता से समझती है। उनके अनुसार, अमेरिका की कथित दुश्मनी के कारणों और ईरान के प्रतिरोध को समझना भविष्य की रणनीति के लिए आवश्यक है।
यह ध्यान देने योग्य है कि मार्च में सर्वोच्च नेता का पद संभालने के बाद से, खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। फिर भी, वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी राजनीतिक और रणनीतिक स्थिति को स्पष्ट करते रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका को चेतावनी
खामेनेई ने एक संदेश में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना, युद्ध के दौरान अमेरिकी कार्रवाइयों का जवाब था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने भविष्य में ऐसे कदम उठाए, तो ईरान की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक व्यापक हो सकती है।
उन्होंने फिलिस्तीन, लेबनान, इराक और यमन में सक्रिय तथाकथित 'रेजिस्टेंस फ्रंट' की एकजुटता का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में जारी गतिविधियां नई वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खामेनेई ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी और विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति ने अमेरिका की अजेय शक्ति की छवि को चुनौती दी है।
ट्रंप के लिए चुनाव परिणामों की राजनीतिक चुनौती
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया है। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान ईरान के साथ संघर्ष और ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
डेमोक्रेटिक नेताओं ने ईरान से संबंधित ट्रंप के निर्णयों को देश की आर्थिक चुनौतियों और आम नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभावों से जोड़कर उठाया था। चुनाव परिणामों के बाद, ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई और न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में चुनावी नतीजों को स्वीकार करने की बात कही।
अमेरिकी चुनावों के बाद ईरान का रुख
अमेरिकी चुनावों के बाद वॉशिंगटन में राजनीतिक समीकरण बदलने के बावजूद, तेहरान ने अपनी रणनीति में किसी बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं। खामेनेई के ताजा संदेश से यह स्पष्ट है कि ईरान अमेरिकी घरेलू राजनीति को अपने रुख में नरमी लाने का आधार नहीं मानता। दोनों देशों के बीच तनाव, अविश्वास और क्षेत्रीय टकराव की स्थिति फिलहाल बनी हुई है।
