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ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई का अंतिम संस्कार: सुरक्षा इंतजाम और रस्में

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का पार्थिव शरीर पिछले चार महीने से कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। उनकी अंतिम विदाई के लिए 9 जुलाई को कई ऐतिहासिक रस्में आयोजित की जाएंगी। ईरानी प्रशासन इस बार सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है, ताकि भीड़ बेकाबू न हो जाए। अंतिम यात्रा के दौरान इराक के पवित्र शहरों से होते हुए खामेनेई को उनके जन्मस्थान में दफनाया जाएगा। जानें इस संवेदनशील मौके पर प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा उपायों के बारे में।
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खामेनेई का पार्थिव शरीर और अंतिम विदाई की तैयारी

तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का शव पिछले फरवरी से कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। अब 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने की योजना बनाई गई है। उनके अंतिम संस्कार और जनाजे के लिए ईरान और इराक में पांच दिनों तक कई महत्वपूर्ण रस्में आयोजित की जाएंगी। इस संवेदनशील अवसर पर ईरानी प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। उन्हें चिंता है कि खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान भीड़ बेकाबू न हो जाए, जैसा कि अयातुल्लाह खुमैनी और कासिम सुलेमानी के जनाजे के समय हुआ था।


अंतिम यात्रा की रस्में और सुरक्षा इंतजाम

5 दिनों तक चलेंगी रस्में, इराक से लेकर ईरान तक निकलेगी अंतिम यात्रा


तेहरान में अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले खामेनेई का शव तीन दिनों तक मोसल्ला नमाज परिसर में आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद, शव को इराक के शिया पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इराक में रस्में पूरी होने के बाद, शव को ईरान के कोम शहर लाया जाएगा और अंत में उनके जन्मस्थान मशहद में इमाम रजा की दरगाह में दफनाया जाएगा। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई द्वारा जनाजे की नमाज पढ़ने की संभावना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।


सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

आसमान से रखी जाएगी नजर, सुरक्षा के किए गए अभूतपूर्व इंतजाम


लाखों की भीड़ को नियंत्रित करना और ताबूत को सुरक्षित ले जाना ईरान के इतिहास के सबसे बड़े सुरक्षा ऑपरेशनों में से एक होगा। रजावी खुरासान प्रांत के गवर्नर ने बताया कि अंतिम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टरों की तैनाती की जाएगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में इराक का दौरा किया और वहां के अधिकारियों के साथ यात्रा की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति बनाई है।


भविष्य की चिंताएँ और सुरक्षा कारण

आखिर ईरान को क्यों सता रहा है भगदड़ और हादसे का खौफ?


ईरान की सुरक्षा के पीछे दो बड़े हादसों की यादें हैं। 1989 में अयातुल्लाह खुमैनी के जनाजे में लाखों की भीड़ बेकाबू हो गई थी, जिससे कई लोगों की मौत हुई थी। इसी तरह, जनवरी 2020 में कासिम सुलेमानी के जनाजे में भीषण भगदड़ मची थी, जिसमें 56 लोगों की जान गई थी। इन घटनाओं के कारण प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।


खामेनेई के शव की सुरक्षा

बिना केमिकल लेप के 4 महीने से कैसे सुरक्षित है पार्थिव शरीर?


खामेनेई के अंतिम संस्कार में चार महीने की देरी ने कई सवाल खड़े किए हैं कि बिना केमिकल के शव को कैसे सुरक्षित रखा गया। इस्लाम में शव को तुरंत दफनाने की परंपरा है और केमिकल लेप लगाने की मनाही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई। इस दौरान शव को कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया है, जो शिया कानून के तहत असाधारण परिस्थितियों में स्वीकार्य है।