Newzfatafatlogo

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान का भारत दौरा: BRICS समिट में भागीदारी और अमेरिका-ईरान तनाव

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सितंबर में भारत का दौरा करेंगे, जहां वह BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ईरान संबंधों को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देना है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, यह दौरा महत्वपूर्ण है। जानें इस यात्रा के संभावित प्रभाव और मोदी-पेजेशकियान की मुलाकात के बारे में।
 | 

ईरान राष्ट्रपति पेजेशकियान का भारत दौरा


ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान का भारत दौरा: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। जून में हुआ अस्थायी समझौता अब टूट चुका है, और हाल की मध्यस्थता से कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। इस तनाव के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सितंबर में भारत की यात्रा करेंगे। वह नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उनकी यात्रा भारत-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


BRICS समिट 12-13 सितंबर को

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। ईरानी सरकार ने उनकी यात्रा की पुष्टि की है। इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है, और भारत ने संगठन से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। पेजेशकियान का सम्मेलन में भाग लेना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान BRICS का पूर्ण सदस्य है, जो 2024 में समूह में शामिल हुआ था।


तनाव के बीच पेजेशकियान का दौरा

पेजेशकियान का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जून में एक अंतरिम समझौता हुआ था, लेकिन जुलाई में यह टूट गया। इसके बाद मध्यस्थता के प्रयास किए गए, लेकिन ईरान के अनुसार कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को अनिश्चितकाल तक बनाए रखने की बात कही है। यह स्थिति भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा और व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से जुड़ा है।


ईरान की भारत से अपेक्षाएँ

पश्चिम एशिया के संकट में भारत ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने की बात की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून में राष्ट्रपति पेजेशकियान से फोन पर बातचीत के दौरान स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दिया था। ईरान भी भारत की भूमिका को महत्व देता है। हालिया कूटनीतिक संपर्कों में क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग पर चर्चा हुई है। पेजेशकियान की यात्रा दोनों देशों को सीधे तौर पर विचार साझा करने का अवसर दे सकती है।


मोदी और पेजेशकियान की संभावित मुलाकात

पेजेशकियान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों नेताओं के बीच पहले भी बातचीत हो चुकी है। भारत और ईरान के रिश्तों में चाबहार बंदरगाह का विशेष महत्व है, जो भारत को ईरान के माध्यम से अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक संपर्क बढ़ाने का अवसर देता है। पेजेशकियान की यात्रा के दौरान व्यापार, कनेक्टिविटी और चाबहार पर बातचीत हो सकती है।