ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई का अंतिम संस्कार शुरू, भारत का प्रतिनिधिमंडल शामिल
खामेनेई का अंतिम विदाई समारोह
नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। शुक्रवार को तेहरान में खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों को अंतिम विदाई दी गई। खामेनेई का शव ताबूत में रखा गया है ताकि लोग उन्हें अंतिम बार देख सकें। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम छह दिनों तक चलेगा और 9 जुलाई को मशहद में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भारत का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर उपस्थित रहेगा।
परिवार के सदस्यों को भी श्रद्धांजलि
खामेनेई के साथ उनकी 14 महीने की पोती, पत्नी, बेटी और दामाद को भी श्रद्धांजलि दी जा रही है। खामेनेई की पोती के ताबूत के पास उसकी तस्वीर भी रखी गई है। तेहरान के मोसल्ला परिसर में अयातुल्लाह खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत रखे गए हैं। ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने भावुक होकर श्रद्धांजलि दी, जबकि कई अन्य नेता भी आंसू नहीं रोक सके।
खामेनेई की मृत्यु और वार्ता
यह ध्यान देने योग्य है कि खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। उनकी मृत्यु के 131 दिन बाद, 9 जुलाई को उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा। कई देशों ने अपने प्रतिनिधिमंडल को तेहरान भेजा है। अली खामेनेई ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता और राष्ट्र प्रमुख थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता बनाया गया है, लेकिन सुरक्षा कारणों से वे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो रहे हैं।
भारत का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल
भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन इस समारोह में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और प्रवक्ता पवन खेड़ा भी तेहरान पहुंचे हैं। कई भारतीय धर्म गुरू भी इस अवसर पर उपस्थित हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता
इस बीच, स्थायी युद्धविराम के लिए अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत अंतिम संस्कार के बाद होगी। इससे पहले, दूसरे दौर की बातचीत दोहा में हुई थी। कतर ने बताया है कि दोनों पक्ष खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद जल्दी ही अगले दौर की वार्ता करेंगे।
