ईरान के सुप्रीम लीडर से जुड़े लंदन के दो लग्जरी पेंटहाउस की नीलामी की तैयारी
लंदन में ईरानी बैंकर के पेंटहाउस की बिक्री
लंदन: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के वित्तीय नेटवर्क से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। लंदन के केंसिंग्टन में स्थित उनके करीबी बैंकर के दो अत्याधुनिक पेंटहाउस को बेचने का निर्णय लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, भारी कर्ज न चुका पाने के कारण इन संपत्तियों को रिसीवरशिप प्रक्रिया के तहत बाजार में लाया जा रहा है। 'द संडे टाइम्स' की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से एक पेंटहाउस, जिसे 2016 में लगभग 242.53 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, अब 153.17 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय
इजरायली दूतावास के निकटता से सुरक्षा चिंताएं
ब्रिटिश सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, यह संपत्ति ईरानी बैंकर अली अंसारी के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह लंदन के 3A पैलेस ग्रीन में स्थित है, जो इजरायली दूतावास के करीब है। 'डेली मेल' की रिपोर्ट में सुरक्षा और आतंकवाद विशेषज्ञों ने बताया कि इस पेंटहाउस की बालकनी से इजरायली दूतावास का पिछला हिस्सा साफ नजर आता है। इस संवेदनशील स्थान के पास ईरानी शासन से जुड़े व्यक्तियों की उपस्थिति ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है।
पेंटहाउस की विशेषताएँ और बिक्री की प्रक्रिया
डुप्लेक्स पेंटहाउस की भव्यता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये दोनों अपार्टमेंट्स 2014 और 2016 में खरीदे गए थे। इनमें से एक 3,944 वर्गफुट का पांच बेडरूम वाला डुप्लेक्स पेंटहाउस अब बिक्री के लिए उपलब्ध है। इसमें स्टाफ के लिए अलग से सुविधाएं भी हैं। इस प्राइम प्रॉपर्टी की बिक्री की जिम्मेदारी प्रमुख रियल एस्टेट एजेंसियों 'नाइट फ्रैंक' और 'सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी' को सौंपी गई है। ब्रोशर में इसे लंदन का सबसे प्रतिष्ठित पता बताया गया है, लेकिन राजनीतिक संवेदनाओं का जिक्र नहीं किया गया है।
अली अंसारी का परिचय और प्रतिबंध
अली अंसारी की भूमिका
इस संपत्ति के आधिकारिक मालिक अली अंसारी को खामेनेई का प्रमुख फाइनेंसर माना जाता है। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में उन पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि अंसारी खामेनेई और ईरानी शासन की गुप्त संपत्तियों के विशाल नेटवर्क का प्रबंधन करते थे। ब्रिटिश सरकार ने भी उन पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आर्थिक सहायता देने के आरोप में उनकी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। अब भारी कर्ज और प्रतिबंधों के कारण इन संपत्तियों को बेचकर कर्ज चुकाने की कोशिश की जा रही है।
