ईरान के हमले की आशंका: अमेरिका में सुरक्षा बढ़ाई गई
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच, अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब अमेरिकी भूमि पर हमलों की आशंका को जन्म दे रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान अमेरिका के 13 प्रमुख शहरों को निशाना बना सकता है। मंगलवार को नेब्रास्का में एक चुनावी रैली में ट्रंप ने कहा कि ईरान लॉस एंजेलेस और सैन डिएगो जैसे शहरों पर हमले की योजना बना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी प्रशासन संभावित खतरों के मद्देनजर अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बजट और संसाधनों का उपयोग कर रहा है।
उच्च जोखिम वाले शहरों की सुरक्षा में वृद्धि
आतंकी रडार पर 13 प्रमुख शहर, हाई-रिस्क जोन की बढ़ाई गई सुरक्षा
खुफिया और प्रशासनिक रिपोर्टों के आधार पर, अमेरिकी संघीय सरकार ने उच्च जोखिम वाले शहरी क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने का निर्णय लिया है। इनमें वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क सिटी, ह्यूस्टन, शिकागो, अटलांटा, बोस्टन, डेनवर, मियामी, न्यू ऑरलियन्स, फीनिक्स/मैरिकोपा काउंटी, सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र, सिएटल और लॉस एंजेलेस शामिल हैं। 2010 की जीएसओ रिपोर्ट में भी इन शहरों को आतंकी साजिशों के लिए प्रमुख माना गया था, जिसके आधार पर इनकी एंटी-टेरर और एयर डिफेंस ग्रिड को और अधिक सतर्क किया गया है।
ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस पर हमले की चेतावनी
ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस पर हमले की चेतावनी के बाद बॉम्बर्स की वापसी
दोनों देशों के बीच तनाव की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी चेतावनियों के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड बेस से अपने परमाणु सक्षम बॉम्बर्स को तुरंत वापस बुला लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी नेटवर्क द्वारा फेयरफोर्ड बेस पर संभावित ड्रोन हमले की सूचना मिली थी, जिसका उद्देश्य वहां तैनात अमेरिकी रणनीतिक बॉम्बर्स को नष्ट करना था। ब्रिटिश पुलिस ने बेस के पास संदिग्ध गतिविधियों के चलते कई लोगों को हिरासत में लिया था।
विदेश मंत्री का प्रॉक्सी अटैक का अंदेशा
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जताया प्रॉक्सी अटैक का अंदेशा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि ईरानी खतरों और संभावित प्रॉक्सी हमलों से निपटने के लिए सैन्य संसाधनों का पुनर्गठन किया जा रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि ईरान सीधे सैन्य हमले के बजाय स्लीपर सेल्स या प्रॉक्सी नेटवर्क्स के माध्यम से अमेरिकी ठिकानों पर हमले की योजना बना सकता है।
मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप का आक्रामक रुख
मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप का आक्रामक रुख
अमेरिका में अगले महीने होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले इस तरह की सुरक्षा चेतावनियों और ट्रंप के तीखे बयानों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। ट्रंप ईरान के खिलाफ कड़े सैन्य कदमों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कैलिफोर्निया के स्थानीय नेताओं ने उनकी टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस ने यह भी दोहराया है कि अमेरिकी नागरिकों और प्रमुख शहरों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
