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ईरान के हमले से बहरीन में अमेरिकी नौसेना का बड़ा नुकसान

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में हालिया घटनाक्रम ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। ईरानी हमलों के कारण अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस स्थिति की गंभीरता और अन्य अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के बारे में।
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संघर्ष की गंभीरता बढ़ी

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले पांच महीनों से चल रहा संघर्ष अब और भी गंभीर हो गया है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरानी हमलों ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के एक प्रमुख सैन्य अड्डे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अमेरिकी नौसेना अब यह तय कर रही है कि क्या इस बेस की मरम्मत की जाए या कोई अन्य विकल्प अपनाया जाए।


हमले की गंभीरता

द एपोच टाइम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने ईरान के हमले की गंभीरता को स्वीकार किया। यह हमला नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन (NASB) पर हुआ, जो अमेरिकी नौसेना की सेंट्रल कमांड और यूएस फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय है। यह बेस पश्चिम एशिया में अमेरिकी नौसैनिक अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में कार्य करता है।


अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर सवाल

फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हवाई हमले के बाद से यह बेस लगातार ईरानी हमलों का निशाना बना है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिकी सैनिक कब तक इस बेस पर वापस लौट पाएंगे। 31 अगस्त को एक टाउन हॉल कार्यक्रम में, चीफ ऑफ नवल ऑपरेशंस एडमिरल डेरिल कॉडल ने कहा कि सैनिक फिलहाल बेस पर वापस नहीं लौट रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सैनिक अपना व्यक्तिगत सामान लेने के लिए भी वहां नहीं जा सकते।


अन्य अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले

अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष केवल बहरीन तक सीमित नहीं है। अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी ईरानी हमलों के प्रभाव में आए हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कई अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा।


ईरान के हमलों का बढ़ता दायरा

रिपोर्ट के अनुसार, हमले में एक ए-10 थंडरबोल्ट विमान का एक पंख क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि लगभग आठ एफ-15 लड़ाकू विमानों को भी मामूली नुकसान हुआ। इन विमानों की मरम्मत कर उन्हें फिर से सेवा में शामिल किया गया। हमले के दौरान अमेरिकी सेना ने 30 से अधिक पैट्रियट मिसाइलें दागीं।


अमेरिका की प्रतिक्रिया

जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है, ईरानी बलों ने अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों और शिपिंग हितों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हालिया तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका ने ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है।