ईरान ने दी चेतावनी, कहा- हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन आत्मरक्षा करेंगे
ईरान के उपराष्ट्रपति की महत्वपूर्ण टिप्पणी
वॉशिंगटन- ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में हजारों साल पुरानी ईरानी संस्कृति और लोगों की दृढ़ता की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामिक गणतंत्र किसी भी देश के साथ युद्ध या संघर्ष की इच्छा नहीं रखता, लेकिन यदि ईरान पर आक्रमण किया गया, तो देश अपनी रक्षा के लिए पूरी ताकत से खड़ा होगा।
राष्ट्रीय कौशल सप्ताह और उद्यमिता एवं तकनीकी-व्यावसायिक प्रशिक्षण दिवस के अवसर पर तेहरान में बोलते हुए, आरिफ ने कहा कि इजरायल और अमेरिका के नेतृत्व वाली शक्तियों ने अपने लक्ष्यों में सफलता नहीं पाई है। उन्होंने इसे ईरानी लोगों की दृढ़ता और हिम्मत का परिणाम बताया। आरिफ ने कहा, “हम युद्ध या संघर्ष नहीं चाहते हैं। हम बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहते हैं। लेकिन, अगर हम पर युद्ध थोपा गया, तो हम अपनी रक्षा करेंगे।”
आरिफ ने यह भी बताया कि अमेरिका के नेतृत्व में कुछ अरब देशों के संसाधनों का उपयोग करते हुए ईरान पर आठ साल का युद्ध थोप दिया गया था, जिसका संदर्भ 1980 के दशक में इराक के तत्कालीन शासक सद्दाम हुसैन के साथ युद्ध की ओर था। उन्होंने कहा कि उस युद्ध के परिणाम सभी ने देखे हैं, लेकिन उससे कोई सबक नहीं लिया गया। आरिफ ने यह भी कहा कि ईरान ने लगाए गए प्रतिबंधों का सामना करने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा, “ईरानी लोग मजबूत हैं और किसी भी प्रकार के दबाव का सामना करने की क्षमता रखते हैं। हां, इसके लिए कुछ कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन लोगों को डरने की आवश्यकता नहीं है। अंततः ये कदम उन पर ही उल्टा असर डालेंगे जो इन्हें लागू करते हैं।”
