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ईरान पर अमेरिकी हमले का नया चरण: नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया

अमेरिका ने ईरान पर हमले का दायरा बढ़ाते हुए नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में, एक जल संयंत्र पर हमले के कारण 20 गांवों के 10,000 लोगों की पेयजल आपूर्ति ठप्प हो गई है। कुवैत ने भी ईरान पर अपने जल संयंत्रों पर हमले का आरोप लगाया है। इस बीच, ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते से पीछे हटने की घोषणा की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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ईरान में अमेरिकी हमले की स्थिति


नई दिल्ली। अमेरिका का ईरान पर हमला अब एक नई दिशा में बढ़ गया है। पहले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के बाद, अब अमेरिकी बलों ने नागरिक सुविधाओं पर भी हमले शुरू कर दिए हैं। हाल ही में, अमेरिकी सेना ने ईरान के एक जल संयंत्र पर हमला किया, जिससे यह पूरी तरह से नष्ट हो गया है। यह संयंत्र समुद्र के खारे पानी को साफ करके पीने योग्य पानी में बदलता था, और इसके नष्ट होने से पानी की आपूर्ति प्रभावित होगी।


ईरान ने शनिवार को जानकारी दी कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में बोंजी डिसैलिनेशन प्लांट पर हवाई हमला किया, जिससे 20 गांवों के लगभग 10,000 लोगों की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। वहीं, कुवैत ने आरोप लगाया है कि ईरान उसके पानी के संयंत्रों पर भी हमले कर रहा है। कुवैत का कहना है कि ईरान ने लगातार दूसरे दिन उसके जल संयंत्र को निशाना बनाया है, जबकि कुवैत में पीने का लगभग 90 प्रतिशत पानी समुद्र के खारे पानी से तैयार किया जाता है।


इस बीच, ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने की घोषणा की है। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया है, इसलिए तेहरान अब उसकी शर्तों का पालन नहीं करेगा। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून को हुए समझौते को समाप्त करने की घोषणा की थी। इस समझौते में 14 बिंदुओं पर सहमति बनी थी और इसके बाद तकनीकी मुद्दों पर दो बार वार्ता भी हुई थी। लेकिन अचानक ट्रंप ने समझौते को समाप्त करने का ऐलान किया और ईरान पर हमले शुरू कर दिए।