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ईरान पर परमाणु हमले की आशंका: अमेरिका और ट्रंप का निर्णय महत्वपूर्ण

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी टीवी होस्ट टकर कार्लसन ने दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दबाव में ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के उपयोग पर विचार कर सकते हैं। इस स्थिति में नेतन्याहू की राजनीतिक चुनौतियाँ भी महत्वपूर्ण हैं। जानें इस संभावित युद्ध के वैश्विक परिणाम और ट्रंप के कूटनीतिक विकल्प क्या हो सकते हैं।
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

नई दिल्ली - अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में वृद्धि के चलते परमाणु हमले की संभावनाओं को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी टीवी होस्ट टकर कार्लसन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दबाव में ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के उपयोग पर विचार कर सकते हैं। कार्लसन के अनुसार, ट्रंप इस मामले में 7 नवंबर तक कोई निर्णय ले सकते हैं। हालांकि, इस दावे की पुष्टि अमेरिकी या इजरायली सरकार ने नहीं की है।


नेतन्याहू का दबाव और राजनीतिक स्थिति

कार्लसन ने बताया कि नेतन्याहू लगातार ट्रंप के संपर्क में हैं और ईरान के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई के लिए उन्हें राजी करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकाने मध्य ईरान के पहाड़ी क्षेत्रों में गहरी सुरंगों में स्थित हैं, जिन्हें पारंपरिक हथियारों से नष्ट करना कठिन हो सकता है। हालांकि, यह दावा स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है।


इजरायल की राजनीतिक चुनौतियाँ

टकर कार्लसन ने यह भी कहा कि नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति भी इस संभावित युद्ध से जुड़ी हुई है। हालिया चुनाव परिणामों के बाद, नेतन्याहू के लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा। उन्हें संसद में 61 सीटों का समर्थन जुटाना होगा। यदि वह सफल नहीं होते हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री पद खोने का खतरा हो सकता है।


अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष सैन्य विकल्प

कार्लसन ने यह भी बताया कि नेतन्याहू अमेरिकी रक्षा मंत्री और सेंटकॉम प्रमुख पर भी दबाव बना रहे हैं। इजरायली मीडिया के अनुसार, इजरायल ने ईरान के साथ संभावित सैन्य टकराव के लिए अपनी तैयारियों को पूरा कर लिया है।


परमाणु हमले के वैश्विक परिणाम

कार्लसन ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का उपयोग करता है, तो यह वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक मिसाल स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि इससे अन्य देशों में भी परमाणु तनाव बढ़ सकता है।


ट्रंप का कूटनीतिक विकल्प

कार्लसन के अनुसार, ट्रंप अभी परमाणु हथियारों के उपयोग को लेकर हिचकिचा रहे हैं और वे अपने सलाहकारों की राय भी सुन रहे हैं। दोनों का मानना है कि ईरान के साथ बातचीत के जरिए समझौते की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है।