Newzfatafatlogo

ईरान में अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार: श्रद्धांजलि देने के लिए जुटे लाखों लोग

ईरान में दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान लाखों लोग श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित होंगे। भारत से आए धार्मिक नेताओं ने भी खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की भव्य तैयारी की जा रही है, जिसमें कई महत्वपूर्ण धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी।
 | 

तेहरान में अंतिम संस्कार की तैयारी

तेहरान : ईरान दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए एक सप्ताह तक चलने वाला अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होगा और 9 जुलाई को मशहद में उनके दफनाने के साथ समाप्त होगा, जो खामेनेई का गृह नगर है। इससे पहले, शुक्रवार को अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के शवों को इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाला मस्जिद में लाया गया, जहां श्रद्धांजलि देने के लिए लोग एकत्रित हुए।


भारत से आए धार्मिक नेता

भारत से पहुंचे धर्मगुरुओं ने दी श्रद्धांजलि

शुक्रवार को भारत से आए धार्मिक नेताओं ने भी खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। ईरानी दूतावास ने इस अवसर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं, जिसमें भगवाधारी हिंदू और पगड़ीधारी सिख धर्म गुरु श्रद्धांजलि देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।


खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम

खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम

4-6 जुलाई: अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई को तेहरान से शुरू होगी। उनके पार्थिव शरीर को ग्रैंड मोसाला प्रार्थना परिसर में लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। 6 जुलाई को तेहरान की सड़कों पर एक बड़ा जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

7 जुलाई: इसके बाद अंतिम संस्कार का जुलूस पवित्र शहर कोम जाएगा, जो तेहरान से लगभग 140 किलोमीटर दूर है।

8 जुलाई: यह जुलूस ईरान के पड़ोसी देश इराक के ऐतिहासिक शहरों नजफ और कर्बला में भी जाएगा।

9 जुलाई: अंततः, अली खामेनेई को उनके गृह नगर मशहद में इमाम रजा की दरगाह में दफनाया जाएगा।

ईरानी मीडिया के अनुसार, इस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी किया है।