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ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा: BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत यात्रा के दौरान BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने डॉलर के वर्चस्व पर कड़ा प्रहार करते हुए BRICS के उद्देश्यों को स्पष्ट किया। इस यात्रा में पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की योजना है, जो भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों को नया आयाम देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। जानें, BRICS के विस्तार और इसके वैश्विक प्रभाव के बारे में।
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नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां

नई दिल्ली: देश की राजधानी में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस सम्मेलन में वैश्विक नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया है। इसी क्रम में, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान, पेजेशकियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक, व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने की संभावना है।


डॉलर के वर्चस्व पर ईरानी राष्ट्रपति का बयान

डॉलर की दादागिरी और एकतरफावाद पर बोला सीधा हमला
भारत आने से पहले तेहरान में पत्रकारों से बात करते हुए, ईरानी राष्ट्रपति ने BRICS के उद्देश्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि BRICS का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिमी देशों के एकतरफावाद का मुकाबला करना है। पेजेशकियान ने अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व पर भी कड़ा प्रहार करते हुए बताया कि BRICS के भीतर एक विशेष बैंक स्थापित किया गया है, जिससे सदस्य देशों के बीच आपसी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य डॉलर के प्रभाव से मुक्त होकर आपसी व्यापार को बढ़ाना है, ताकि वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मनमानी को सीमित किया जा सके।


भारत-ईरान के रिश्तों को नया आयाम

भारत-ईरान के ऐतिहासिक रिश्तों को नया आयाम देने की तैयारी
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की असीम संभावनाएं हैं और वे इन समानताओं को और बढ़ाना चाहते हैं। नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात के अलावा, उनका चीन, रूस और ब्राजील जैसे अन्य प्रमुख देशों के नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम है। इससे पहले, दोनों नेताओं की मुलाकात बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में हुई थी, जहां पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया था।


BRICS का वैश्विक प्रभाव

ग्लोबल साउथ की सबसे ताकतवर आवाज बना 11 देशों का BRICS
BRICS समूह का विस्तार अब इसे दुनिया की सबसे प्रभावशाली आर्थिक और रणनीतिक शक्ति बना चुका है। इस समूह में अब भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। यह समूह वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, दुनिया की कुल जीडीपी का 40 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के 26 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। मौजूदा वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में, भारत की अध्यक्षता विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।