उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को गिराने पर हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
उज्जैन में हंगामे की घटना
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के एक हिस्से को गिराने के प्रयास पर सोमवार को लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस झड़प में एक थाना प्रभारी भी घायल हो गए।
एफआईआर दर्ज
हंगामे के बाद पुलिस ने 10 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से 5 सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर शामिल हैं। इन पर माहौल को बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है।
तोड़ने की प्रक्रिया शुरू
उज्जैन की शाही मस्जिद के तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिस हिस्से को गिराया जा रहा है, उसे हरे रंग के नेट से ढक दिया गया है।
मस्जिद की ऐतिहासिकता
मस्जिद के प्रबंधन का कहना है कि यह इमारत 100 साल से अधिक पुरानी है, जबकि कुछ रिपोर्टों में इसे 600 साल पुरानी बताया गया है। प्रबंधन के अनुसार, 17 मार्च 1925 को सिंधिया राजघराने के समय के दस्तावेज में इस मस्जिद के बचे हिस्से को सुरक्षित रखने का उल्लेख है।
कोर्ट में सुनवाई
इस बीच, मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने स्वयं मस्जिद के हिस्से को गिराना शुरू कर दिया है। मस्जिद का लगभग 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा गिराया जाना है। इस मामले पर सोमवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई होने वाली है।
सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की 900 मीटर सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, जिसके लिए इमारतों को गिराया जा रहा है।
