उत्तर कोरिया की मिसाइल यूनिट रूस में तैनात, यूक्रेन को बढ़ता खतरा
उत्तर कोरिया की मिसाइल तैनाती का दावा
मॉस्को/कीव: यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के एक उच्च अधिकारी ने जानकारी दी है कि उत्तर कोरिया की एक मिसाइल यूनिट पश्चिमी रूस में तैनात की जा रही है। इस यूनिट में लगभग 90 उत्तर कोरियाई सैनिक, 120 बैलिस्टिक मिसाइलें और छह लॉन्चर शामिल हैं। यूक्रेन के मुख्य खुफिया निदेशालय के अधिकारी आंद्री चेर्नियाक के अनुसार, रूस इस यूनिट को वोरोनेज क्षेत्र में अपनी 112वीं मिसाइल ब्रिगेड के साथ तैनात करने की योजना बना रहा है।
यदि यह जानकारी सही साबित होती है, तो यह रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यूक्रेन पहले से ही आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों की कमी का सामना कर रहा है, और रूस लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग कर रहा है, जिन्हें रोकना बेहद कठिन माना जाता है।
2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के आरंभ के बाद से उत्तर कोरिया मॉस्को का प्रमुख सहयोगी बन गया है। दोनों देशों ने 2024 में आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उत्तर कोरिया पहले ही रूस को लाखों तोपखाने के गोले भेज चुका है और 2024 में यूक्रेनी घुसपैठ को रोकने के लिए 14,000 सैनिक भी भेजे थे।
चेर्नियाक के अनुसार, प्योंगयांग ने हाल ही में 40 नई KN-23 और KN-24 बैलिस्टिक मिसाइलें और कुछ सैन्य कर्मी रूस भेजे हैं। अगले महीने होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता में इस तैनाती के अंतिम स्वरूप और कुल मिसाइलों की संख्या पर निर्णय लिया जा सकता है। रूस की योजना इस यूनिट में कुल 120 मिसाइलें और छह लॉन्चर शामिल करने की है।
एक सूत्र के अनुसार, अमेरिका इस संभावित तैनाती से अवगत है, लेकिन सीआईए और व्हाइट हाउस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय और न्यूयॉर्क स्थित उत्तर कोरियाई दूतावास की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रूस ने 2023 के अंत से यूक्रेन के खिलाफ उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करना शुरू किया था। अगस्त 2025 तक उत्तर कोरिया रूस को 150 ऐसी मिसाइलें उपलब्ध करा चुका था। पिछले सप्ताह रूस ने अगस्त 2025 के बाद पहली बार दो उत्तर कोरियाई मिसाइलें दागीं, जिनमें से एक ने मध्य यूक्रेन के रादुशने गांव में एक आवासीय मकान को नष्ट कर दिया, जिसमें एक ही परिवार के कम से कम पांच लोग मारे गए।
विशेषज्ञों के अनुसार, KN-23 और KN-24 मिसाइलें रूसी इस्कंदर मिसाइलों की तुलना में अधिक दूरी तक मार कर सकती हैं और बड़ा विस्फोटक भार ले जाने में सक्षम हैं। हालांकि, इनकी सटीकता अपेक्षाकृत कम मानी जाती है, जिससे नागरिक इलाकों में नुकसान और जनहानि का खतरा बढ़ जाता है।
रूस इन मिसाइलों का अधिक उपयोग इसलिए कर रहा है क्योंकि इन्हें रोकने में मुख्य रूप से अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम प्रभावी माने जाते हैं। यूक्रेन के पास ऐसे रक्षा सिस्टम सीमित संख्या में हैं, जिससे बैलिस्टिक मिसाइलों का बढ़ता उपयोग उसके लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो रॉब ली का कहना है कि उत्तर कोरिया से मिलने वाले सैन्य संसाधन यूक्रेन के लिए बड़ा खतरा हैं। उनके अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा पहले से ही यूक्रेन की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक है, और यदि ऐसी मिसाइलों की संख्या बढ़ती है, तो आने वाले महीनों, विशेषकर सर्दियों में, रूस बिजली ग्रिड समेत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर सकता है।
हालांकि, उत्तर कोरियाई मिसाइल यूनिट की तैनाती और उसकी भूमिका को लेकर अब तक कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चेर्नियाक ने कहा कि उनका दावा संवेदनशील खुफिया जानकारी पर आधारित है, इसलिए विस्तृत स्रोत सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरियाई सैनिक मिसाइलों का संचालन करेंगे, उनका रखरखाव करेंगे या केवल प्रशिक्षण की भूमिका निभाएंगे।
