Newzfatafatlogo

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में देरी की आशंका, हाईकोर्ट के आदेश पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की समयसीमा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद, ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट में देरी के कारण चुनाव कराना मुश्किल हो सकता है। आयोग को जिलों का सर्वेक्षण पूरा करने में समय लग रहा है, जिससे 14 जनवरी तक चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। योगी सरकार इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार कर रही है। जानें इस मामले में आगे क्या हो सकता है।
 | 

पंचायत चुनाव की समयसीमा पर संकट

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव अपडेट: पिछले महीने इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि वे तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव आयोजित करें और वर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बनाए रखने का निर्णय लिया था। हालांकि, इस समय सीमा के भीतर चुनाव कराना अब मुश्किल प्रतीत हो रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट में देरी होने की संभावना है, जो कि चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

पिछड़ा वर्ग आयोग को 20 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 75 में से 50 जिलों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जबकि 25 जिलों का सर्वेक्षण अभी बाकी है। ऐसे में आयोग अतिरिक्त तीन महीने का समय मांग सकता है। ओबीसी आरक्षण के निर्धारण के लिए हर जिले की स्थिति को समझना आवश्यक है, जिसके लिए आयोग को जिलों में जाकर लोगों से जानकारी जुटानी होगी। सभी जिलों से प्राप्त आंकड़ों की सही जांच करना आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 31 दिसंबर से पहले रिपोर्ट आने की संभावना नहीं है, जिससे चुनाव कराना और भी कठिन हो जाएगा।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 14 जनवरी से पहले कराने होंगे, लेकिन मौजूदा हालात में यह संभव नहीं लग रहा है। यह माना जा रहा है कि योगी सरकार इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है या फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में अतिरिक्त महाधिवक्ता से विधिक परामर्श लिया जाएगा और न्याय विभाग से भी सलाह ली जाएगी, जिसके बाद शासन अगला कदम उठाएगा।