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उत्तर प्रदेश परिवार कल्याण निदेशालय में बजट अनियमितता की जांच शुरू

उत्तर प्रदेश के परिवार कल्याण निदेशालय में बजट आवंटन में अनियमितता का मामला सामने आया है। महानिदेशक द्वारा बिना अनुमोदन के बजट का दवाओं और उपकरणों की खरीद में उपयोग किया गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस मामले की जांच के लिए आदेश दिए हैं, और रिपोर्ट सात दिनों में मांगी गई है। यह मामला जनोपयोगी योजनाओं से जुड़ा है, जिससे विभाग की छवि पर असर पड़ सकता है।
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बजट आवंटन में गड़बड़ी का मामला


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवार कल्याण निदेशालय के महानिदेशक और वित्त नियंत्रक द्वारा बजट में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जांच का आदेश दिया है। महानिदेशक ने निर्माण कार्य के लिए आवंटित बजट को बिना किसी सरकारी अनुमोदन के दवाओं और उपकरणों की खरीद में लगा दिया। जब यह मामला उजागर हुआ, तो डिप्टी सीएम ने सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है।


परिवार कल्याण निदेशालय में बजट आवंटन में अनियमितता की शिकायतें विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा डिप्टी सीएम को की गई थीं। शिकायत में कहा गया कि महानिदेशक ने निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत बजट को बिना अनुमोदन के दवाओं और उपकरणों की खरीद के लिए वितरित कर दिया।


इसके अलावा, अतिरिक्त दवाओं और उपकरणों के लिए स्वीकृत बजट को विभिन्न जनपदों में बिना आवश्यकता के परीक्षण के वितरित किया गया। डिप्टी सीएम ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले की गंभीरता को बताया।


डिप्टी सीएम ने पत्र में उल्लेख किया कि यदि बजट का वितरण मनमाने तरीके से किया गया है, तो यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है। परिवार कल्याण निदेशालय कई जनोपयोगी योजनाओं का संचालन करता है, और ऐसी अनियमितता से विभाग और सरकार की छवि पर सवाल उठता है।


अपर मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि बजट का आवंटन उसी मद में किया जाना चाहिए, जिसमें स्वीकृति मिली है। आवश्यकता होने पर ही अन्य मद में व्यय किया जाए। इसके साथ ही, परिवार कल्याण निदेशालय द्वारा किए गए बजट आवंटन की जांच तीन सदस्यों की समिति द्वारा कराई जाएगी। पूरी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जानी चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रस्ताव भी दिया जाएगा।


डीजी हेल्थ पर भी आरोप
डिप्टी सीएम के पास डीजी हेल्थ द्वारा बजट आवंटन में अनियमितता की भी शिकायत आई है, और इसकी भी जल्द ही जांच की जा सकती है।