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उत्तर प्रदेश में खेल नीति: पदक जीतने पर मिलेगा सरकारी नौकरी का अवसर

उत्तर प्रदेश की सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति 'पदक लाओ, पद पाओ' की घोषणा की है। इस नीति के तहत, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे खिलाड़ियों के करियर में अनिश्चितता कम हुई है। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह राज्य को खेल के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बना सकती है।
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खेलों को बढ़ावा देने की नई पहल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सरकार की नई नीतियों का प्रभाव अब खेलों और खिलाड़ियों के विकास में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 'पदक लाओ, पद पाओ' जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को न केवल सम्मान और पुरस्कार मिल रहे हैं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकारी नौकरी का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है।


खेल सुविधाओं का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया है। गांवों में खेल के मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज का विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।


पदक जीतने पर नौकरी का प्रावधान

योगी सरकार की खेल नीति के तहत, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में सीधे नियुक्ति देने का प्रावधान है। मार्च 2026 में क्रिकेटर रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी और हॉकी खिलाड़ी राज कुमार पाल को DSP के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, अन्य खिलाड़ियों को भी सरकारी नियुक्तियां और नकद पुरस्कार दिए गए हैं।


खेलों में सुधार की दिशा

सरकार का दावा है कि इस नीति से खिलाड़ियों के करियर में अनिश्चितता कम हुई है। अब खिलाड़ी खेल को केवल पदक और पहचान के लिए नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक करियर के रूप में देख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है।


भविष्य की दिशा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना, उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना ही 'पदक लाओ, पद पाओ' मॉडल का मुख्य उद्देश्य है। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में खेलों की बदलती नीतियां राज्य को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।