उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 23 जिलों में राहत कार्य जारी
उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के 23 जिलों में बारिश और नदियों के उफान से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। प्रशासन ने अब तक 16,000 से अधिक लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
वाराणसी में गंभीर हालात
वाराणसी में स्थिति गंभीर, छतों पर हो रहा अंतिम संस्कार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) में गंगा और वरुणा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है। शहर के सभी 84 घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं और कई स्थानों पर सड़कों पर गाड़ियों की जगह नावें चल रही हैं। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार छतों पर करने की नौबत आ गई है।
चित्रकूट और अन्य जिलों में नुकसान
चित्रकूट और अन्य जिलों में भारी नुकसान
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान के कारण 500 से अधिक दुकानें और होटल जलमग्न हो गए हैं। बारिश के कारण कई स्थानों पर हादसों की खबरें भी आई हैं। चित्रकूट और कानपुर देहात में कच्चे मकान ढहने से कई लोगों की जान चली गई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा बलिया, बिजनौर और सोनभद्र में प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सोनभद्र के रिहंद बांध में जलस्तर बढ़ने पर 6 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है, वहीं बिजनौर में मुख्य हाईवे पर पानी भर जाने के कारण स्कूली बच्चे बैलगाड़ी के सहारे स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
67 जिलों में बारिश का अलर्ट
67 जिलों में बारिश का अलर्ट, स्कूल बंद
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 67 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसमें से 15 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। बिगड़ते मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी और बलिया समेत 8 प्रमुख जिलों में कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
प्रशासनिक टीम, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टुकड़ियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटने और फंसे हुए लोगों को निकालने के कार्य में जुटी हुई हैं।
