उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज
राज्यसभा चुनाव की तैयारी में सपा और सुभासपा की मुलाकात
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी के बीच लखनऊ में हुई मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और बढ़ावा दिया है। दोनों नेताओं ने सपा कार्यालय में लगभग एक घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की।
बैठक के बाद, अब्बास अंसारी बिना मीडिया से बात किए वहां से चले गए। भले ही वह सुभासपा के टिकट पर विधायक हैं, लेकिन उनके परिवार का समाजवादी पार्टी से पुराना संबंध है। उनके चाचा अफजाल अंसारी सपा के सांसद हैं, और चचेरे भाई शोएब अंसारी भी सपा के विधायक हैं।
मुलाकात का महत्व
राज्यसभा चुनाव से पहले क्यों अहम है मुलाकात?
अखिलेश यादव ने पहले ही संकेत दिए थे कि वे राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार को उतारने की योजना बना रहे हैं। इस संदर्भ में अब्बास अंसारी से उनकी मुलाकात को चुनावी गणित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैठक में हुई बातचीत की आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्या के अनुसार, एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए लगभग 37 प्राथमिक वोटों की आवश्यकता है। सपा के पास 101 विधायक हैं, जो दो उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त हैं, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता होगी।
राजनीतिक कयास
क्या एनडीए खेमे में सेंध की कोशिश?
अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे एनडीए खेमे में संभावित सेंधमारी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, अब तक अब्बास अंसारी या सुभासपा की ओर से सपा को समर्थन देने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अखिलेश यादव उन नेताओं को एकजुट होने का संदेश दे रहे हैं जो बीजेपी के खिलाफ खड़े होना चाहते हैं। इस दृष्टिकोण से अब्बास अंसारी के साथ बैठक को व्यापक राजनीतिक रणनीति के तहत देखा जा रहा है।
तीसरे प्रत्याशी पर सस्पेंस
तीसरे प्रत्याशी पर अभी सस्पेंस
सपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार के नाम को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पूर्व सांसद सलीम शेरवानी के नाम की चर्चा थी, लेकिन चुनावी आंकड़ों की कमजोरी के कारण उनके चुनाव लड़ने को लेकर असमंजस बना हुआ है।
अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद यह सवाल उठता है कि क्या सपा तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए आवश्यक संख्या जुटा पाएगी और क्या एनडीए खेमे के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग या अलग रुख अपनाएंगे।
फिलहाल, मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हैं, लेकिन अब्बास अंसारी के रुख और सपा के तीसरे प्रत्याशी के नाम का खुलासा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
