उत्तर भारत में बर्फबारी और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित
उत्तर भारत में मौसम की मार
नई दिल्ली। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जबकि अन्य हिस्सों में बाढ़ ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बिहार के 16 जिलों में 24 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राजधानी पटना समेत कई स्थानों पर गंगा, गंडक, पुनपुन जैसी नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी बाढ़ के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। बारिश और बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है, जिसे पहाड़ी राज्यों में ठंड की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। राज्य के 16 जिलों में 24 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। भागलपुर में रिंग बांध के ओवरफ्लो होने से सुल्तानगंज के लगभग 4 हजार घर जलमग्न हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे कई जिलों में नदियां उफान पर हैं। पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में 9 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति सक्रिय मानसून और उत्तर प्रदेश से पूर्व की ओर बढ़ रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में गरज और चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
