उत्तराखंड के जिलाधिकारियों के लिए चुनावी प्रशिक्षण कार्यक्रम
उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों का प्रशिक्षण
उत्तराखंड: आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत, 8 जिलों के जिलाधिकारियों को 22 और 23 अक्टूबर को दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में चुनावी प्रक्रियाओं, नामांकन, स्क्रूटनी, पोस्टल बैलेट, कार्मिकों की तैनाती और मतदान केंद्रों की तैयारियों की जानकारी प्रदान की जाएगी। नवंबर में बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चमोली के जिलाधिकारी भी इस प्रशिक्षण में शामिल होंगे।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच, जिलाधिकारियों के लिए एक विशेष पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस पाठशाला में जिलाधिकारी चुनावी प्रक्रियाओं के विभिन्न पहलुओं को सीखेंगे। प्रदेश के आठ जिलों के जिलाधिकारी 22 और 23 अक्टूबर को दिल्ली में निर्वाचन आयोग पहुंचेंगे। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में उन्हें चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी जाएगी, जिसमें नामांकन से लेकर मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं की तैयारी शामिल है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जिलाधिकारियों को प्रशिक्षण देने का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उनकी तैयारी को मजबूत करना है। जिलाधिकारियों की चुनावी तैयारियों और व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया के नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी उनके लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस प्रशिक्षण में उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी शामिल होंगे। ये सभी अधिकारी 22 और 23 अक्टूबर को दिल्ली में रहकर निर्वाचन आयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
इस पाठशाला में केवल चुनावी तैयारियों की सामान्य जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को भी समझाया जाएगा। इसमें नामांकन पत्र दाखिल करने, उनकी जांच यानी स्क्रूटनी, नाम वापसी की प्रक्रिया और पोस्टल बैलेट की गिनती से संबंधित पहलुओं की जानकारी शामिल होगी।
इसके अतिरिक्त, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के प्रशिक्षण, उनकी जिम्मेदारियों का निर्धारण और मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने से जुड़े विषय भी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य जिलाधिकारियों को चुनाव प्रबंधन की प्रक्रियाओं से अवगत कराना है, ताकि चुनाव के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा सके।
