Newzfatafatlogo

उत्तराखंड में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ये स्थानीय समस्याओं को समझते हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हैं। मुख्यमंत्री ने 'मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी' की भावना से कार्य करने का आह्वान किया और विकास योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की बात की। इस कार्यक्रम में 60,000 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने का प्रयास किया गया है, जो ग्राम स्तर पर विकास को नई दिशा देने में सहायक होगा।
 | 

मुख्यमंत्री का पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति संदेश


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें उत्तराखंड के विकास की नींव हैं। इस कार्यक्रम में 60,000 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को एक साथ प्रशिक्षण देने का प्रयास किया गया है, जो ग्राम स्तर पर विकास को नई दिशा देने में सहायक होगा।


मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और वे स्थानीय समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। उनका कार्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।


उन्होंने जनप्रतिनिधियों से 'मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी' की भावना से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतों को संसाधन और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं और जनसुझावों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हर पंचायत को स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा निर्धारित करनी चाहिए ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिल सके।


उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों की विकास योजनाओं में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं का उल्लेख होना चाहिए। ग्राम सभाओं में लोगों के सुझाव लिए जाने चाहिए और कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025-26 में 56,000 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य की 7,817 ग्राम पंचायतों में से 5,972 पंचायत भवन ग्राम सचिवालय के रूप में कार्य कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायतों की कार्ययोजनाओं और वित्तीय प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। पंचायत का पैसा जनता का पैसा है और इसकी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।


श्री धामी ने पंचायतों की भूमिका को स्वच्छ और स्वस्थ गांव बनाने में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष मशीनें उपलब्ध कराने की बात की।


उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।


इस अवसर पर कई मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।