Newzfatafatlogo

उत्तराखंड में पार्किंग विवाद का समाधान: हरियाणा के मुख्यमंत्री की पहल से बनी सहमति

उत्तराखंड के चमोली जिले में पार्किंग विवाद के चलते उत्पन्न तनाव अब समाप्त हो गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल और उनके राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित हुआ। विवाद की शुरुआत 16 जून को हुई थी, जब निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के बीच कहासुनी हुई। अब सभी पक्षों ने भविष्य में संवाद और प्रशासनिक सहयोग से किसी भी विवाद को सुलझाने का संकल्प लिया है। जानें इस घटनाक्रम की पूरी कहानी।
 | 

चमोली में तनाव का अंत

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी)- उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद के चलते उत्पन्न तनाव अब समाप्त हो गया है। इस मामले के समाधान में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सक्रिय भूमिका और उनके राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी की मध्यस्थता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुक्रवार की शाम, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से फोन पर बात की और मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का अनुरोध किया। इसके बाद शनिवार को पांवटा साहिब में दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित हुआ और विवाद सुलझ गया।


मुख्यमंत्री से सिख प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

शुक्रवार को हुई मुख्यमंत्री से सिख प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में उत्पन्न हालात को लेकर सिख जत्थेबंदियों का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई बाबा मेजर सिंह सोढ़ी कर रहे थे, शुक्रवार शाम हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिला। इस मुलाकात की व्यवस्था मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने कराई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने तरुण भंडारी को निर्देश दिए कि वे स्वयं सिख जत्थेबंदियों के साथ उत्तराखंड जाकर दोनों पक्षों से संवाद स्थापित करें।


पांवटा साहिब में समाधान की प्रक्रिया

पांवटा साहिब पहुंचकर कराया समाधान
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शनिवार सुबह तरुण भंडारी बाबा मेजर सिंह सोढ़ी के साथ पांवटा साहिब पहुंचे, जहां सिख जत्थेबंदियों, सामाजिक संगठनों तथा संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। बातचीत के बाद सभी पक्षों ने भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद को आपसी संवाद और प्रशासनिक सहयोग से सुलझाने पर सहमति व्यक्त की।


भविष्य के लिए सुरक्षा उपाय

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिख जत्थेबंदियों की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किया जाएगा, जिस पर किसी भी प्रकार की शिकायत तुरंत दर्ज कराई जा सकेगी। इसी प्रकार उत्तराखंड के सामाजिक संगठन भी अपना संपर्क नंबर जारी करेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन तक पहुंचाई जा सके और समय रहते कार्रवाई हो।


राजनीतिक तत्वों से सतर्क रहने की अपील

भड़काने वाले तत्वों से सतर्क रहने की अपील
तरुण भंडारी ने कहा कि कुछ राजनीतिक शरारती तत्व इस मामले को अनावश्यक रूप से तूल देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि भविष्य में ऐसे तत्वों से सतर्क रहें और किसी भी अफवाह या उकसावे में आने के बजाय प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय बनाए रखें।


विवाद की शुरुआत और जमानत

16 जून को शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद 16 जून 2026 को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में एक होटल के समीप वाहन पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। घटना के बाद पुलिस ने मोहाली निवासी चार निहंग सिखों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। बाद में घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई।


जांच और सामान्य स्थिति की वापसी

जांच हरिद्वार स्थानांतरित, चारों निहंगों को मिली जमानत
मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने विवेचना को चमोली से हरिद्वार स्थानांतरित कर दिया। इसी बीच शनिवार को चमोली के जिला एवं सत्र न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में बंद चारों निहंग सिखों की जमानत मंजूर कर दी, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।


सामाजिक सौहार्द की दिशा में कदम

संवाद और समन्वय से लौटी सामान्य स्थिति
पूरे घटनाक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल, उत्तराखंड सरकार के सहयोग तथा राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी की सक्रिय मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाल हुआ और पिछले कई दिनों से बना तनाव समाप्त हो गया। पांवटा साहिब में हुई बैठक के बाद सभी पक्षों ने भविष्य में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और प्रशासनिक सहयोग से करने का संकल्प व्यक्त किया।