उत्तराखंड में बारिश का कहर: 10 जिलों में स्कूल बंद
लैंडस्लाइड के कारण यातायात प्रभावित
लैंडस्लाइड के चलते यमुनोत्री मार्ग बंद, एक हजार से अधिक यात्री फंसे
Uttarakhand Weather, देहरादून : दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने हाल ही में पूरे देश को कवर कर लिया है। इस बार यह प्रक्रिया 36 दिन में पूरी हुई, जबकि आमतौर पर 38 दिन लगते हैं। उत्तरी भारत में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
हाल की बारिश के कारण उत्तराखंड में स्थिति गंभीर हो गई है। उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे भूस्खलन के कारण बंद हैं। यमुनोत्री मार्ग बंद होने से लगभग 1000 यात्री फंसे हुए हैं। इसके अलावा, 10 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग भी चट्टानें गिरने से बंद है। हरिद्वार में सड़कों पर 3-4 फीट पानी भर गया है।
गंगोत्री एनएच पर मलबा हटाने का कार्य
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नालूपानी के पास भूस्खलन के बाद मलबा हटा दिया गया है। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। टिहरी जिले में लगातार बारिश के कारण नई टिहरी के सी ब्लॉक टाइप-3 सरकारी आवासीय परिसर में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने वहां रहने वाले तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का असर
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भारी बारिश के कारण शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने जिले में अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़, पेड़ गिरने और सड़कों के बंद होने का खतरा बना हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में भी स्थिति गंभीर
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। घाटी में पिछले 10 दिनों से बारिश और बादल फटने की घटनाओं से सरकारी और निजी संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है। भूस्खलन के कारण कई सड़कें बाधित हो गई हैं, जिससे यातायात पर व्यापक असर पड़ा है।
