उत्तराखंड में भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड की तैयारी अंतिम चरण में
कमांडेंट परेड का आयोजन
उत्तराखंड: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में 13 जून को होने वाली 158वीं पासिंग आउट परेड की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। 11 जून को आयोजित कमांडेंट परेड के दौरान ड्रिल स्क्वायर पर वही दृश्य देखने को मिला, जो दो दिन बाद होने वाली भव्य परेड में नजर आएगा। मौसम की चुनौतियों के बावजूद कैडेट्स का उत्साह, अनुशासन और तालमेल पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बना रहा।
मौसम की चुनौतियों के बीच प्रदर्शन
कमांडेंट परेड के प्रारंभ होते ही मौसम ने करवट ली और बारिश शुरू हो गई। हालांकि, बारिश ने परेड की गति को प्रभावित नहीं किया। भीगे मैदान और लगातार गिरती बूंदों के बीच अधिकारी कैडेट एक समान चाल, सटीक तालमेल और दृढ़ आत्मविश्वास के साथ मार्च करते रहे। ड्रिल स्क्वायर पर कैडेट्स का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण था कि कठिन परिस्थितियों में भी सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन सर्वोपरि रहते हैं।
कमांडेंट का संदेश
कमांडेंट ने कैडेट्स को बताया कि सेना में अधिकारी बनने के बाद उनके निर्णय केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उनके अधीन कार्य करने वाले जवानों और उनके परिवारों के जीवन को भी प्रभावित करेंगे। इसलिए नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
महिला कैडेट्स की ऐतिहासिक भागीदारी
गुरुवार को आयोजित कमांडेंट परेड में भारतीय कैडेट्स के साथ मित्र देशों से आए अधिकारी कैडेट्स ने भी भाग लिया। सेना के प्रसिद्ध मार्चिंग गीत ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ की धुन पर जब कैडेट्स ने ड्रिल स्क्वायर पर मार्च किया, तो पूरा परिसर सैन्य जोश और गौरव की भावना से भर गया। इस बार की पासिंग आउट परेड कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार आईएमए से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 9 महिला कैडेट्स भी परेड में शामिल होंगी।
परेड की तैयारी और राष्ट्रपति की उपस्थिति
कमांडेंट परेड को पासिंग आउट परेड से पहले की सबसे महत्वपूर्ण रिहर्सल माना जाता है। गुरुवार को हुई रिहर्सल ने स्पष्ट कर दिया कि अकादमी आगामी पासिंग आउट परेड के लिए पूरी तरह तैयार है। 13 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस अवसर पर कुल 515 अधिकारी कैडेट पास आउट होंगे, जिनमें 481 भारतीय और 34 विदेशी अधिकारी कैडेट शामिल हैं।
सैन्य गौरव का प्रतीक
आईएमए की परंपराओं, अनुशासन और सैन्य गौरव का प्रतीक मानी जाने वाली पासिंग आउट परेड को लेकर अकादमी परिसर में उत्साह का माहौल है। गुरुवार को बारिश के बीच हुई कमांडेंट परेड ने यह संदेश भी दिया कि एक सैनिक के लिए मौसम नहीं, बल्कि कर्तव्य सबसे महत्वपूर्ण होता है।
